बीजापुर । गंगालूर स्थित पोटा केबिन में तीन छात्राओं के गर्भवती होने का मामला आज सोमवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा के शून्यकाल के दौरान उठा। इस मुद्दे को लेकर सदन में भारी हंगामा देखने को मिला। विपक्ष ने इसे बेहद गंभीर मानते हुए स्थगन प्रस्ताव लाकर इस पर चर्चा की मांग की। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष के विधायकों ने नारेबाजी करते हुए सदन का बहिष्कार किया।
मामले में स्कूल शिक्षा मंत्री ने छात्राओं के छात्रावास से जुड़े न होने की बात कही। इस पर आसंदी ने स्थगन प्रस्ताव को अग्राह्य कर दिया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि बीजापुर के गंगालूर पोटा केबिन की तीन बच्चियों के गर्भवती होने का मामला बेहद गंभीर है और इस पर सदन में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए।
‘गंभीर सामाजिक मुद्दा’ : विधानसभा नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने कहा कि इस तरह के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि एक गंभीर सामाजिक मुद्दा है, जिस पर चर्चा और जवाबदेही तय होनी चाहिये। बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी समेत विपक्ष के अन्य सदस्यों ने भी स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से चर्चा की मांग की। इस सत्र में छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य संशोधन विधेयक लौटाए जाने और अमानक बरदाने का मुद्दा भी सदन में जोर-शोर से उठा।







