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छत्तीसगढ़

उपसरपंच हत्याकांड का पुलिस ने किया पर्दाफाश, सरपंच पति सहित सात आरोपी गिरफ्तार

शव महानदी से हुआ बरामद

जांजगीर-चांपा। बिर्रा थाना क्षेत्र और सक्ती जिला के ग्राम पंचायत करही के उपसरपंच महेंद्र बघेल 6 सितम्बर से गायब था, गांव के उप सरपंच की रहस्यमय तरीके से लापता होने की सूचना परिजनों और ग्रामीणों ने बिर्रा पुलिस को दी। पुलिस ने आखिरकार हत्याकांठ का राजफाश कर दिया है। मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दो विधि से संघर्षरत बालकों को भी हिरासत में लेकर विधिसम्मत कार्रवाई की गई है।

आरोपियों ने एक राय होकर उप सरपंच की हत्या करना स्वीकार किया है, आरोपियों ने पुलिस के सामने स्वीकार किया कि हत्या के बाद लाश को रात में ही महानदी में बहाने की जानकारी दी, पुलिस और एसडीआरएफ टीम, ड्रोन महानदी में लाश की तलाश करने के उपरांत उप सरपंच महेंद्र बघेल की रहस्यमयी गुमशुदगी के बाद अब हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। गुम होने के 48 घंटे बाद बघेल का शव साराडीह स्थित महानदी से बरामद किया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पहले गला घोंटकर हत्या की और फिर शव को बरेकेल पुल से नदी में फेंक दिया। पुलिस ने महेंद्र बघेल के हत्या मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि हत्या की साजिश में सरपंच का पति मुख्य सरगना बताया जा रहा है। घटना से पूरे क्षेत्र में आक्रोश और दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रकार की वारदात ने पंचायत राजनीति की तस्वीर को ही सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार शव को कल पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा।

हत्या की वजह

पूछताछ में सामने आया कि सरपंच पति राजकुमार साहू का उपसरपंच महेन्द्र बघेल से शासकीय निर्माण कार्यो को लेकर पुराना विवाद था। इसी रंजिश के चलते 6 सितंबर की रात 8.45 बजे राजकुमार ने महेन्द्र को अपने साथियों के साथ शराब पीने के बहाने बुलाया। ग्राम प्राथमिक शाला भवन के पास शराब पिलाने के बाद भास्कर मांझी और कान्हा यादव ने गमछा से उनका गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद राजकुमार ने अपने भाई राजेन्द्र साहू को आल्टो कार से मौके पर बुलाया। आरोपियों ने शव को गाड़ी में डालकर बरेकेला पुल से महानदी में फेंक दिया। मृतक की पल्सर बाइक को भी नदी में फेंककर सबूत मिटाने की कोशिश की गई।

सर्च ऑपरेशन और शव बरामद

हत्या के बाद शव की खोज के लिए पुलिस ने डीडीआरएफ टीम और ड्रोन की मदद ली। कई घंटे मशक्कत के बाद 8 सितंबर को देर शाम डभरा क्षेत्र के साराडीह बैराज के पास खेत के पास शव मिला। कपड़ों से मृतक की पहचान उपसरपंच महेन्द्र बघेल के रूप में हुई।

गिरफ्तार आरोपी

पुलिस ने सात आरोपियों राजकुमार साहू, राजू उर्फ शैलेष कश्यप, राजेन्द्र कुमार साहू, जितेन्द्र कश्यप, दुर्गेश आदित्य, कान्हा यादव और भास्कर मांझी को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा दो विधि से संघर्षरत बालक भी शामिल हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ थाना बिर्रा में अपराध क्रमांक 111/25 धारा 103, 61 बीएनएस एवं एससी एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस का सराहनीय कार्य

इस खुलासे में एएसपी उमेश कश्यप, एसडीओपी यदुमणि सिदार, थाना प्रभारनी बिर्रा जय कुमार साहू, शिवरीनारायण प्रभारी प्रवीण द्विवेदी, बम्हनीडीह प्रभारी कृष्णपाल सिंह सहित कई पुलिस कर्मियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

ग्रामीणों में आक्रोश

घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने सोमवार को बिर्रा चौक में चक्काजाम भी कर दिया था। पुलिस ने जल्द ही मामले का खुलासा करने का आश्वासन दिया था, जिसके बाद पुलिस की त्वरित कार्रवाई और हत्या का पर्दाफाश होने के बाद लोगों ने अब राहत की सांस ली है।

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