सप्लाई नेटवर्क पर उठने लगे सवाल
बिलासपुर। जिले में नकली और डुप्लीकेट खाद्य सामग्री का कारोबार तेजी से पैर पसार रहा है। बाजारोें में मिलावटी सामानों की बढ़ती आमद अब आम उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। ताजा मामला व्यापार विहार का है, जहां राजस्व विभाग और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लाखों रूपए की संदिग्ध नकली चिकन मसाला खेप जप्त की है।
सोमवार शाम व्यापार विहार स्थित श्री बालाजी कार्गो मूवर्स में छापेमारी के दौरान 8 बड़ी झालों में भरे करीब 32 बाॅक्स नकली एवरेस्ट ब्रांड के चिकन मसाले बरामद किए गए। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरे माल को जप्त कर लिया और परिसर को सील कर दिया है। जांच के दौरान कंपनी के प्रतिनिधियों ने भी स्पष्ट किया कि जप्त मसाला उनके ब्रांड का असली उत्पाद नहीं है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। कार्गो मूवर्स के संचालक ने पूरे मामले से खुद को अलग बताते हुए कहा कि उन्हें इस सामान की कोई जानकारी नहीं है।
हालांकि जिस स्थान पर यह खेप रखी गई थी, वहां लगे सीसीटीवी कैमरे अब इस पूरे नेटवर्क का खुलासा करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। फुटेज के जरिये यह पता लगाया जा सकेगा कि नकली माल किसने, कब और किस उद्देश्य से यहां रखा था। इस कार्रवाई ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर इतने बड़े पैमाने पर नकली खाद्य सामग्री शहर तक कैसे पहुंच रही है और जिम्मेदार विभागों को इसकी भनक क्यों नहीं लगी। जबकि खाद्य सुरक्षा विभाग पर मिलावटखोरी रोकने की सीधी जिम्मेदारी है। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से स्पष्ट है कि जिले में नकली सामानों की सप्लाई चेन सक्रिय है।
मामले में जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि जिले में ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है और ऐसे अवैध कारोबार की जड़ तक पहुंचकर सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि उपभोक्ताओं की सेहत के साथ हो रहे खिलवाड़ पर पूरी तरह रोक लग सके।







