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छत्तीसगढ़

चक्रवात के प्रभाव से भारी वर्षा और तेज हवाओं की आशंका, नदी-नालों और जलप्रवाह वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील

धमतरी। चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से आगामी दिनों में क्षेत्र में भारी वर्षा, तेज हवाएं तथा गरज-चमक के साथ मौसम प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए जलाशयों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। संभावित भारी वर्षा, ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र (कैचमेंट एरिया) से पानी की आवक बढ़ने तथा जलस्तर में वृद्धि होने की स्थिति में रविशंकर सागर बांध (गंगरेल) से किसी भी समय अधिक मात्रा में पानी छोड़ा जा सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने और सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

27 अक्टूबर 2026 को सुबह 7 बजे की स्थिति में जलाशयों का विवरण :  प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविशंकर सागर बांध (गंगरेल) का वर्तमान जलस्तर 345.03 मीटर है, जबकि पूर्ण जलाशय स्तर (FRL) 348.70 मीटर निर्धारित है। यहां पानी की वर्तमान आवक 5,904 क्यूसेक तथा जीवित जलभराव क्षमता का उपयोग 59.53 प्रतिशत है।

इसी प्रकार, दुधावा बांध का वर्तमान जलस्तर 424.03 मीटर है, जबकि पूर्ण जलाशय स्तर 425.12 मीटर है। यहां पानी की आवक 209 क्यूसेक तथा जलभराव क्षमता 84.21 प्रतिशत दर्ज की गई है। मुरूमसिल्ली बांध की जीवित जलभराव क्षमता 90.72 प्रतिशत है। सौंदूर बांध का वर्तमान जलस्तर 469.71 मीटर है, जबकि पूर्ण जलाशय स्तर 471.065 मीटर है। यहां पानी की आवक 20 क्यूसेक और जलभराव क्षमता 82.73 प्रतिशत है।

संभावित वर्षा और जलाशयों से पानी छोड़े जाने की स्थिति को देखते हुए नागरिकों से अपील की गई है कि वे नदी, नालों, पुल-पुलियों तथा जलप्रवाह वाले क्षेत्रों के आसपास जाने से बचें। विशेष रूप से बच्चों और युवाओं को नदी-नालों में नहाने, मछली पकड़ने अथवा पानी के तेज बहाव को पार करने का प्रयास नहीं करना चाहिए। पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बहने की स्थिति में आवागमन बिल्कुल न करें और न ही पानी के बहाव का जोखिम लेकर उसे पार करने का प्रयास करें।

निचले एवं बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में रहने वाले परिवार सतर्क रहें तथा आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहें। नागरिक अपने परिवार के सदस्यों, बच्चों, वृद्धजनों और पशुओं की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। तेज हवाओं, गरज-चमक और भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें तथा बिजली के खंभों, पेड़ों और जर्जर भवनों से दूर रहें।

जलस्तर में अचानक वृद्धि होने की आशंका को देखते हुए नदी किनारे और निचले क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों से अपील की गई है कि वे मौसम एवं जलाशयों की स्थिति से संबंधित आधिकारिक सूचनाओं पर ध्यान दें और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन एवं संबंधित आपदा प्रबंधन दल को सूचित करें।सावधानी ही सुरक्षा है। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और अफवाहों पर ध्यान न दें।

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