नई दिल्ली। हाथियों के ट्रेन से टकराने की घटनाओं को देखते हुए पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने ऐसी दुर्घटनाएं रोकने के लिए AI आधारित तकनीक का इस्तेमाल शुरू किया है। जनवरी से सितंबर 2026 के बीच इन तकनीकों और समय पर की गई कार्रवाई से 255 हाथियों को बचाने में मदद मिली। रेलवे ने इसके लिए एआई अलर्ट, गति प्रतिबंध, गश्त बढ़ाने और ‘प्लान बी’ सिस्टम का इस्तेमाल किया।
हाथियों की आवाजाही की सूचना मिलने पर रेलवे अस्थायी और रात के समय गति प्रतिबंध भी लागू करता है। संवेदनशील इलाकों में नियमित गश्त, झाड़ियों की सफाई और चेतावनी संकेत लगाने का काम भी किया जा रहा है।
मधुमक्खियों की आवाज से हाथियों को ट्रैक से दूर रखने की कोशिश
रेलवे ने संवेदनशील स्थानों पर ‘प्लान बी’ सिस्टम भी लगाया है। इसमें मधुमक्खियों की तेज आवाज का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे हाथियों को रेलवे ट्रैक की ओर आने से रोका जा सके। इसके अलावा चिन्हित स्थानों पर अंडरपास बनाए जा रहे हैं, ताकि वन्यजीवों को सुरक्षित रास्ता मिल सके और हाथियों को ट्रैक पार न करना पड़े।







