राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रविवार को बताया कि यूक्रेन के सुमी में एक रूसी ड्रोन के हमले में दवा बनाने वाली एक फ़ैक्ट्री को निशाना बनाया गया। इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि यह प्लांट ‘कुसुम हेल्थकेयर’ का था, जो एक भारतीय फार्मास्युटिकल कंपनी है। हालांकि, अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
रात भर में 135 ड्रोन अटैक: यूक्रेनी राष्ट्रपति ने X पर कहा, “रात भर में रूसियों ने यूक्रेन पर 135 अटैक ड्रोन से हमले किए, जिनमें से 50 से ज़्यादा जेट-पावर्ड थे। कीव, निप्रो, खार्किव, डोनेट्स्क, सुमी और ज़ापोरिज्जिया इलाके हमलों की चपेट में आए।” उन्होंने आगे कहा, “और हमेशा की तरह, इन आतंकवादियों के मुख्य निशाने आम रिहायशी इमारतें और ज़रूरी इंफ्रास्ट्रक्चर हैं – यानी वे सभी चीजें जो आम रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा हैं। कुछ इलाकों में बिजली गुल हो गई है। हमारी टीमें प्रभावित जगहों पर काम कर रही हैं।”
जर्मनी के चांसलर का यूक्रेन दौरा : ये हमले ऐसे समय में हुए हैं जब जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज यूक्रेन पहुंचे और जेलेंस्की से मुलाकात की, जिससे कीव के लिए यूरोप का समर्थन जाहिर होता है। मर्ज ने कहा है कि रूस की “वार मशीन” देर-सबेर दूसरे यूरोपीय देशों के खिलाफ भी हो जाएगी। उन्होंने कीव को भरोसा दिलाया कि यूक्रेन को हर जरूरी मदद दी जाएगी।
हाल ही में यूक्रेन ने और ज्यादा समर्थन की मांग की है। उसका कहना है कि रूसी ड्रोन हमलों का सामना करने के लिए उसे और ज़्यादा एडवांस्ड इंटरसेप्टर की जरूरत है। AFP की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बर्लिन और कीव के बीच 1 अरब अमेरिकी डॉलर से ज़्यादा के मिलिट्री सपोर्ट पैकेज पर समझौता होने की उम्मीद है।
जेलेंस्की ने कहा, “आज जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज कीव का दौरा कर रहे हैं। वे एक ऐसे देश के नेता हैं, जो रूसी हमलों से यूक्रेन के लोगों की जान बचाने में लगातार नेतृत्व दिखाते रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “हम हर तरह के समर्थन के लिए आभारी हैं। आज हम ऐसे फैसलों पर काम कर रहे हैं जिनसे हमें – यानी यूक्रेन और पूरे यूरोप को – अपनी सुरक्षा करने की बेहतर क्षमता मिल सके। यूक्रेन और जर्मनी के बीच अहम समझौते होंगे। रूस को मिलकर रोकना होगा। मदद करने वाले सभी लोगों का शुक्रिया।”







