Home » हवा में लटका रेलवे ट्रैक: 8 की मौत, 16 हजार लोग प्रभावित, बाढ़ ने छत्तीसगढ़ में मचाई ऐसी तबाही
छत्तीसगढ़

हवा में लटका रेलवे ट्रैक: 8 की मौत, 16 हजार लोग प्रभावित, बाढ़ ने छत्तीसगढ़ में मचाई ऐसी तबाही

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भारी बारिश के बाद कई जिलों में बदहाली की तस्वीरें सामने आ रही हैं। 23 और 24 सितंबर को राज्य के ज्यादातर जिलों में मूसलधार बारिश हुई जिस कारण जनजीवन प्रभावित हो गया है। भारी बारिश के कारण रेलवे लाइन को भी नुकसान हुआ है। केके रूट पर मल्लीगुड़ा और छत्रीपुट रेलवे स्टेशन के बीच लैंड स्लाइड के चलते पटरियां हवा में लटक गई हैं।

ट्रैक से गिर रहा है मलबा

रेलवे के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, लगभग 150 मीटर हिस्से की मिट्टी बह जाने से ट्रैक हवा में झूल रहा है। बारिश के बाद ट्रैक में भारी मलबा जमा हो गया है। रेलवे की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की है। अधिकारियों ने बताया कि मलबा हटाने का काम जोर शोर से जारी है। इस रूट की सभी पैसेंजर-मालगाड़ी ट्रेन रद्द कर दी गई हैं।

16 हजार लोग प्रभावित

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोमवार को बताया कि पिछले सप्ताह राज्य के कई हिस्सों, खासकर बस्तर क्षेत्र में हुई भारी बारिश के बाद बाढ़ प्रभावित इलाकों में आठ लोगों की मौत हो गई और करीब 16 हजार लोगों को बचाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। सीएम साय ने सुकमा और बस्तर जिलों के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करने तथा राहत शिविरों में रह रहे लोगों से मुलाकात करने के बाद बताया कि बाढ़ से 571 गांवों के 22,377 लोग प्रभावित हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर में मीडिया से बातचीत में कहा, ‘‘पिछले सप्ताह तीन-चार दिनों तक लगातार बारिश हुई, जिससे कई जिले प्रभावित हुए। उन्होंने बताया कि प्रभावित परिवारों के रहने के लिए 173 राहत शिविर बनाए गए हैं और अब तक करीब 16 हजार लोगों को बचाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

हेलीकॉप्टर से भी किया गया रेस्क्यू

बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को निकालने के लिए हेलीकॉप्टरों का भी इस्तेमाल किया गया। बारिश से जुड़ी घटनाओं में आठ लोगों की मौत हुई है जबकि 172 मवेशियों की भी जान गई है।

सीएम ने कहा- क्षतिग्रस्त मकानों और फसलों का सर्वेक्षण किया जा रहा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, 199 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि करीब 11 हजार मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 1.20 लाख रुपये का मुआवजा देगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सोमवार को राहत शिविरों में कुछ प्रभावित लोगों को मुआवजे के चेक भी वितरित किए गए। साय ने कहा कि जिन लोगों के मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है, उन्हें भी ‘राजस्व पुस्तक परिपत्र’ के प्रावधानों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा। साय ने कहा कि बाढ़ का पानी कम होने के बाद कृषि विभाग फसल के नुकसान का आंकलन करेगा।

Search