Home » झारसुगुडा में IBAAS 2026 कॉन्फ्रेंस में वेदांता एल्युमीनियम को मिला बड़ा सम्मान
देश

झारसुगुडा में IBAAS 2026 कॉन्फ्रेंस में वेदांता एल्युमीनियम को मिला बड़ा सम्मान

कंपनी के अलग-अलग प्लांट के प्रतिनिधियों ने एल्युमीनियम के इस प्रमुख ग्लोबल फोरम में AI, सस्टेनेबिलिटी, रिफाइनिंग और स्मेल्टिंग टेक्नोलॉजी पर 24 टेक्निकल पेपर पेश किए।

झारसुगुडा, ओडिशा. भारत की सबसे बड़ी एल्युमीनियम उत्पादक कंपनी, वेदांता एल्युमीनियम ने झारसुगुडा में आयोजित 14वीं इंटरनेशनल बॉक्साइट, एल्यूमिना और एल्युमीनियम कॉन्फ्रेंस और एग्जीबिशन (IBAAS 2026) में अपनी रिसर्च, इनोवेशन और टेक्निकल क्षमताओं का प्रदर्शन किया। कंपनी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटलाइजेशन, एल्यूमिना रिफाइनिंग, एल्युमीनियम स्मेल्टिंग, सस्टेनेबिलिटी, अलॉय डेवलपमेंट, रिसोर्स रिकवरी और ऑपरेशनल एक्सीलेंस जैसे अहम क्षेत्रों में 24 टेक्निकल पेपर पेश किए। इन योगदानों ने एल्युमीनियम वैल्यू चेन में मैन्युफैक्चरिंग एक्सीलेंस, रिसोर्स एफिशिएंसी और अगली पीढ़ी की टेक्नोलॉजी को आगे बढ़ाने पर कंपनी के फोकस को उजागर किया।

14वीं इंटरनेशनल बॉक्साइट, एल्यूमिना और एल्युमीनियम कॉन्फ्रेंस और एग्जीबिशन (IBAAS 2026) एल्युमीनियम इकोसिस्टम से जुड़े स्टेकहोल्डर्स – जिनमें इंडस्ट्री लीडर्स, रिसर्चर, टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर्स, पॉलिसीमेकर्स और एकेडमिक संस्थान शामिल थे – के लिए इस सेक्टर के भविष्य की दिशा पर जानकारी और विचार साझा करने का एक अहम मंच साबित हुई। ‘ग्लोबल एल्युमीनियम आउटलुक 2030: सुरक्षित संसाधन, कुशल ऊर्जा और कचरे से मूल्य’ थीम के तहत आयोजित इस कॉन्फ्रेंस में रिसोर्स सिक्योरिटी को मजबूत करने, ऊर्जा दक्षता में सुधार करने और सर्कुलर इकोनॉमी के तरीकों से अधिक मूल्य प्राप्त करने की रणनीतियों पर चर्चा की गई।

वेदांता एल्युमीनियम के CEO राजेश कुमार उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए, जहां उन्होंने एल्युमीनियम सेक्टर के लिए उभरते अवसरों और भविष्य के लिए तैयार वैल्यू चेन बनाने के महत्व पर अपने विचार साझा किए। इस मौके पर बोलते हुए उन्होंने कहा, “जैसे-जैसे इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, रिन्यूएबल एनर्जी, इंफ्रास्ट्रक्चर और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग में मांग बढ़ रही है, हमारा ध्यान मजबूत, टेक्नोलॉजी-आधारित और वैल्यू-एडेड इकोसिस्टम बनाने की ओर होना चाहिए। वेदांता एल्युमीनियम में, हम वैल्यू चेन की हर कड़ी को मजबूत कर रहे हैं – संसाधनों और रिफाइनिंग से लेकर डिजिटल ऑपरेशन्स, सर्कुलैरिटी और डाउनस्ट्रीम मैन्युफैक्चरिंग तक – ताकि भारत को भविष्य की एल्युमीनियम इकोनॉमी के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद मिल सके।”

कॉन्फ़्रेंस की चर्चा को आगे बढ़ाते हुए, वेदांता एल्युमीनियम, झारसुगुडा के स्मेल्टर के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर विभव उपाध्याय ने ‘एल्युमीनियम वैल्यू चेन और इसके इस्तेमाल: हल्के वज़न वाले समाधान, ऊर्जा दक्षता और ESG लक्ष्यों को आगे बढ़ाना’ विषय पर एक अहम भाषण दिया। उनके भाषण में अलग-अलग सेक्टर में हल्के वज़न वाले, ऊर्जा-कुशल और टिकाऊ समाधान देने में एल्युमीनियम की बढ़ती भूमिका पर ज़ोर दिया गया, साथ ही इंडस्ट्री के भविष्य को आकार देने में टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और ज़िम्मेदार उत्पादन के महत्व को भी रेखांकित किया गया।

कंपनी के मज़बूत तकनीकी योगदान को प्रमुख कैटेगरी में तीन ‘बेस्ट पेपर अवार्ड’ से और भी सराहा गया। एल्युमीनियम स्मेल्टिंग कैटेगरी में, ‘कार्बन एनोड क्वालिटी में सुधार’ (Carbon Anode Quality Improvement) को एनोड की क्वालिटी बढ़ाने और स्मेल्टर की परफॉर्मेंस में सुधार के लिए नए और बेहतर उपाय पेश करने पर सम्मानित किया गया। रिफाइनिंग कैटेगरी में, ‘बॉक्साइट रेजिड्यू से रिसोर्स: वेदांता और फर्टिलाइज़र इंडस्ट्रीज़ के बीच सर्कुलर इकोनॉमी पार्टनरशिप’ (Bauxite Residue to Resource: A Circular Economy Partnership between Vedanta & Fertilizer Industries) को शीर्ष सम्मान मिला। इसने दिखाया कि कैसे अलग-अलग सेक्टर के बीच सहयोग से बॉक्साइट रेजिड्यू को एक कीमती संसाधन में बदला जा सकता है, जिससे सर्कुलर इकोनॉमी के सिद्धांतों और संसाधन दक्षता को बढ़ावा मिलता है।

फोरम में वेदांता एल्युमीनियम की मौजूदगी को और मज़बूत करते हुए, ‘AA6201 रॉड के एज-हार्डनिंग रिस्पॉन्स में सुधार: Mg/Si ऑप्टिमाइज़ेशन और स्ट्रॉन्टियम-असिस्टेड इंटरमेटैलिक ट्रांसफॉर्मेशन की भूमिका’ (Improving Age-Hardening Response of AA6201 Rod: Role of Mg/Si Optimization and STRONTIUM-Assisted Intermetallic Transformation) को भी ‘बेस्ट पेपर अवार्ड’ मिला। यह एडवांस्ड मटीरियल रिसर्च के ज़रिए प्रोडक्ट इनोवेशन और मेटलर्जिकल एक्सीलेंस पर कंपनी के फोकस को दिखाता है।

IBAAS 2026 में वेदांता एल्युमीनियम की भागीदारी इंडस्ट्री की बदलती चुनौतियों और अवसरों से निपटने के लिए रिसर्च, टेक्नोलॉजी और सहयोग का इस्तेमाल करने पर कंपनी के लगातार फोकस को दर्शाती है। भारत की सबसे बड़ी एल्युमीनियम उत्पादक कंपनी के तौर पर, यह देश के कुल एल्युमीनियम उत्पादन में आधे से ज़्यादा का योगदान देती है और इसने FY26 में लगभग 2.46 मिलियन टन का रिकॉर्ड उत्पादन हासिल किया। लांजीगढ़ में दुनिया के सबसे बड़े एल्युमिना रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स और झारसुगुडा में दुनिया के सबसे बड़े सिंगल-लोकेशन एल्युमीनियम स्मेल्टर के सहयोग से, वेदांता एल्युमीनियम भविष्य के लिए तैयार और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी एल्युमीनियम इकोसिस्टम बनाने के लिए टेक्नोलॉजी, डिजिटलाइज़ेशन और सर्कुलर इकोनॉमी पहलों का लाभ उठाना जारी रखे हुए है।

Search