दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने सत्य निकेतन इमारत ढहने के मामले में महत्वपूर्ण सुनवाई की। अदालत ने सुधांशु और शुभम त्यागी को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। यह हिरासत आगे की जांच और दोनों के आमने-सामने पूछताछ के लिए दी गई है, जो मामले की गुत्थी सुलझाने में सहायक होगी।
आरोपी महेश ने बताया कि घटना वाले दिन उन्हें स्थानीय लोगों के जरिए इमारत ढहने की जानकारी मिली थी। पुलिस की कार्रवाई के डर से पूरा परिवार तुरंत अपना घर छोड़कर राजस्थान के भिवाड़ी स्थित महेश के ससुराल भाग गया था और वहीं छिपा हुआ था। फिलहाल पुलिस ठेकेदार सनोज से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि निर्माण और मरम्मत कार्यों में किस स्तर की लापरवाही बरती गई थी।
दिल्ली हादसे में क्या हुआ
दिल्ली के मोती बाग स्थित सत्य निकेतन में इमारत ढहने के दर्दनाक हादसे में सात लोगों की जान चली गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस मामले में बिल्डिंग के मालिकों और लाभार्थियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए लोगों में 81 वर्षीय हरिराम गुप्ता, उनकी 75 वर्षीय पत्नी उर्मिला गुप्ता और 52 वर्षीय बेटा महेश गुप्ता शामिल हैं।







