कई जिलों के लिए अलर्ट
शिमला। हिमाचल में मानसून के दस्तक देने के बाद राहत के साथ लोगों की दुश्वारियां भी बढ़ गई हैं। शिमला, कांगड़ा, लाहुल स्पीति व चंबा जिलों में हुए हादसों में दो महिलाओं सहित चार लोगों की मौत हो गई। प्रदेश में वीरवार को रोहतांग, बारालाचा व शिंकुला दर्रे में हल्का हिमपात और कई स्थानों पर वर्षा हुई। 24 घंटे के दौरान भारी वर्षा और भूस्खलन से 49 सड़क़ें बंद हैं और 42 ट्रांसफार्मर खराब होने से बिजली आपूर्ति बाधित है। धान व मक्की की बिजाई के लिए वर्षा का इंतजार कर रहे किसानों को राहत मिली है।
लाहुल-स्पीति जिले के एचआरटीसी केलंग डिपो के चालक-परिचालक उदयपुर से मयाड़ घाटी रूट पर गए थे। बीती रात चोलिंग के निकट हुई मूसलाधार बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। बाढ़ के मलबे और दलदल के कारण राष्ट्रीय उच्च मार्ग-5 पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया है। बाढ़ का वेग इतना तेज़ था कि सड़क़ पर चल रहे कई वाहन अचानक आए मलबे और दलदल की चपेट में आकर वहीं फंस गए। राहत की बात यह रही कि इस अचानक आई आपदा में किसी भी प्रकार का जानी नुकसान नहीं हुआ है और सभी लोग सुरक्षित हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन तुरंत एक्शन में आ गया है।
डीसी किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि चोलिंग के पास मार्ग को साफ करने और फंसे वाहनों को निकालने के लिए भारी मशीनरी को काम पर लगा दिया गया है। प्रशासन की टीम मौके पर मुस्तैद है और बंद पड़े राष्ट्रीय उच्च मार्ग को जल्द से जल्द सुचारू रूप से बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। लाहौल स्पीति के जाहलमा नाले में बाढ़ से पुल क्षतिग्रस्त होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बीआरओ ने अस्थायी पुलिया बनाई थी, वह भी बह गई है। इस कारण उदयपुर उपमंडल सहित पांगी घाटी का संपर्क कट गया है।
वहीं शिमला के रामपुर उपमंडल के पीपलीधार स्थित निरसु गांव के समीप वीरवार को करंट लगने से 60 वर्षीय महिला की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, केबल लाइन में लोहे की पतली तार लगी थी, जो रास्ते में गिरी थी। यह तार करीब आठ से नौ मीटर दूर बिजली के सर्विस वायर के साथ लगे लोहे के तार से जुड़ी थी। इसमें वर्षा या अन्य कारण से करंट पास होने की आशंका है।
कांगड़ा जिले के देहरा उपमंडल के मसोट में टुल्लू पंप लगाते समय करंट से पलंबर की जान चली गई। चंबा जिला में अगाहर गांव में पांव फिसलने से ढांक में गिरकर महिला की मौत हो गई। चंबा जिले के भरमौर में वीरवार सुबह भारी वर्षा से सियूंर नाले में बाढ़ आने पर ग्रीमा की ओर जाने वाली सड़क़ का करीब 60 फीट हिस्सा बह गया। इससे होली-सियूंर-ग्रीमा मार्ग पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। चंबा-भरमौर एनएच दिनका घार में भूस्खलन से करीब चार घंटे बंद रहा। बिलासपुर जिले में मूसलधार वर्षा ने गर्मी से राहत तो दी, लेकिन कई सडक़ें जलमग्न हो गईं। पत्थर और मिट्टी चेतना चौक तक सड़क़ पर आने से यातायात प्रभावित हुआ।
उदयपुर उपमंडल के शेनुर गांव की शांति देवी को छाती में संक्रमण व सांस लेने की दिक्कत के कारण कुल्लू के लिए रेफर किया गया था। मरीज को लेकर जब एंबुलेंस जाहलमा नाले के पास पहुंची तो नाला उफान पर था। बीआरओ व पुलिस जवानों ने मरीज को स्ट्रेचर सहित बैंकहो लोडर की मदद से नाला पार करवाया। नाला पार करने के बाद शांति देवी को क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू पहुंचाया गया। वहां मरीज की हालत में अब सुधार बताया जा रहा है। बीआरओ ने वीरवार सुबह नाले पर अस्थायी पुल बनाकर यातायात सुचारु कर दिया है। मई में भूस्खलन से जाहलमा पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। बीआरओ नाले पर नए पुल का निर्माण कर रहा है। विधायक अनुराधा राणा ने बताया कि इस महीने के अंत तक पुल बन जाएगा।







