नई दिल्ली। असम सिविल सेवा (एसीएस) अधिकारी नूपुर बोरा के पास से कुबेर का खजाना मिला है। असम पुलिस के मुख्यमंत्री की सतर्कता टीम ने सोमवार उनके सरकारी आवास से करोड़ों की अवैध संपत्ति जप्त की थी।
सोमवार को असम सिविल सर्विस की सर्किल अफसर 2019 बैच की अधिकारी पर अवैध काम का आरोप लगा है। उन पर 6 महीने से विजिलेंस की नजर थी। सोमवार को उनके घर से छापेमारी में 2 करोड़ तक की अवैध संपत्ति बरामद हुई है। लगभग ₹90 लाख नकद और ₹1 करोड़ से ज़्यादा मूल्य के सोने के आभूषण जप्त किए। बरामद सामान की कुल कीमत ₹2 करोड़ आंकी गई है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मीडिया के सामने खुलासा किया कि नूपुर बोरा पिछले छह महीनों से निगरानी में थीं। बारपेटा ज़िले में सर्किल ऑफिसर के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने कथित तौर पर संदिग्ध लोगों को पैसे लेकर अवैध रूप से बसाने का काम कर रही थीं।
छापेमारी पहले रविवार रात को होने वाली थी। हालांकि, नूपुर के घर पर ना होने और कथित तौर पर एक गेस्ट हाउस में रहने के कारण इसे स्थगित करना पड़ा था।यह कार्रवाई सोमवार सुबह उनके घर लौटने पर की गई। छापेमारी उनके गुवाहाटी स्थित आवास से शुरू हुई और बाद में उनसे जुड़े तीन अन्य ठिकानों पर भी की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों को अधिकारी की गतिविधियों की पूरी जानकारी थी। वे महीनों से उस पर कड़ी नजर रख रहे थे।
छापेमारी का नेतृत्व करने वाली सीएम विजिलेंस की एसपी रोज़ी कलिता ने पुष्टि की कि अधिकारी पर भ्रष्टाचार के कई आरोप हैं। उन्होंने कहा कि जप्त की गई नकदी और गहने एक प्रारंभिक कार्रवाई का हिस्सा थे। आगे की जांच में और भी चौंकाने वाले खुलासे और सबूत मिल सकते हैं।







