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बीसीसीआई की पेंशन योजना : रिटायरमेंट के बाद भी पूर्व खिलाड़ियों को हर महीने मिलती है एक निश्चित रकम

नई दिल्ली। हाल ही में कई भारतीय क्रिकेटर्स ने खेल को टाटा-टाटा बाय-बाय कर दिया है। इनमें चेतेश्वर पुजारा जैसे दिग्गज नाम भी शामिल हैं, जिन्होंने संन्यास की घोषणा की है। हालांकि BCCI पूर्व खिलाड़ियों को पेंशन भी देती है, लेकिन सवाल अब यह है कि उन्हें कितने पैसे मिलते हैं।

बीसीसीआई ने पूर्व खिलाड़ियों के लिए एक पेंशन योजना शुरू की है, जो अंतरराष्ट्रीय और घरेलू स्तर पर खेलने वालों को एक निश्चित मासिक राशि देती है। यह पेंशन प्लेयर्स के हिस्सा लिए मैच पर निर्धारित होती है। बीसीसीआई की पेंशन योजना में उम्र भी एक अहम फैक्टर है। खिलाड़ी की उम्र बढ़ने के साथ पेंशन भी बढ़ती है।  उदाहरण के लिए जब कोई खिलाड़ी 60 साल की उम्र पार कर जाए तो उसकी पेंशन भी बढ़ती है।

रिटायर्ड प्लेयर्स को सालाना पेंशन में बढ़ोतरी मिलती है?
वार्षिक वेतन वृद्धि के विपरीत पेंशन हर साल नहीं बढ़ती। बीसीसीआई समय-समय पर पेंशन राशि में बदलाव करती है। हालिया साल में पूर्व क्रिकेटर्स को बढ़ती महंगाई के कारण वित्तीय चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। बीसीसीआई इसका भी ध्यान रखता है।

इस पेंशन योजना का फायदा उन्हीं क्रिकेटर्स को मिलता है, जिन्हें भारतीय टीम से खेलने का मौका मिला।  जिसने घरेलू क्रिकेट में अच्छा करियर बनाया है। महिला क्रिकेटर्स को भी इस योजना का लाभ मिलता है। अंपायर्स और कुछ सीनियर्स ऑफिशियल के लिए अलग से पेंशन का प्रावधान है।

रिटायर्ड खिलाड़ियों को कितनी पेंशन मिलती है?
पिछले कुछ साल में बीसीसीआई ने पेंशन राशि में जबरदस्त बढोतरी की है। टेस्ट क्रिकेटरों की पेंशन 37,500 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 60,000 रुपये प्रति माह कर दी गई है। इसी तरह प्रथम श्रेणी क्रिकेटरों की पेंशन 15,000 रुपये से बढ़कर 30,000 रुपये प्रति माह हो गई है। वरिष्ठ खिलाड़ियों को पहले 50,000 रुपये मिलते थे, अब उन्हें 70,000 रुपये प्रति माह मिलेंगे।

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