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नवरात्रि : महाअष्टमी पर मां दुर्गा की आठवीं शक्ति की होगी उपासना, जानें मां महागौरी का प्रिय पुष्प और शुभ रंग

नवरात्रि के आठवें दिन मां दुर्गा की आठवीं शक्ति माता महागौरी की पूजा की जाती है। इस तिथि को महाष्टमी या दुर्गा अष्टमी के नाम से भी जाना जाता है। मां महागौरी का स्वरूप अत्यंत शांत, सुंदर और गौर वर्ण का है। ऐसे में उनकी पूजा में फूलों और रंगों का विशेष महत्व माना जाता है। आइए जानते हैं नवरात्रि की महाष्टमी की देवी महागौरी का प्रिय पुष्प कौन-सा है और महाष्टमी पर किस रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है।

द्रिक पंचांग के अनुसार, इस वर्ष आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर को सुबह 8:27 बजे से प्रारंभ होकर 19 अक्टूबर को सुबह 10:51 बजे तक रहेगी। उदया तिथि की मान्यता के आधार पर महाअष्टमी 19 अक्टूबर, सोमवार को मनाई जाएगी। इस दिन मां महागौरी की विधि-विधान से पूजा करने के साथ कन्या पूजन भी किया जाता है। भक्त माता रानी से सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।

मां महागौरी की पूजन विधि

नवरात्रि के आठवें दिन देवी दुर्गा के साधक को सूर्योदय से पहले उठकर स्नान-ध्यान करना चाहिए। इसके बाद साधक को मां महागौरी के व्रत और पूजन का संकल्प करना चाहिए। फिर घर के ईशान कोण में देवी का चित्र या मूर्ति रखकर उसे पवित्र जल से स्नान कराना चाहिए। इसके बाद माता को सफेद पुष्प अर्पित करना चाहिए। फिर देवी को धूप-दीप, चंदल-रोली, फल-मिठाई आदि अर्पित करते हुए माता के मंत्र का जप और उनके स्तोत्र का पाठ करना चाहिए।

मां महागौरी को दुर्गा माता की आठवीं शक्ति माना जाता है। उनका स्वरूप शांत, सौम्य और अत्यंत सुंदर है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, माता चार भुजाओं वाली हैं। उनके हाथों में त्रिशूल और डमरू सुशोभित हैं, जबकि अन्य दो हाथ अभय और वर मुद्रा में रहते हैं। उन्हें पवित्रता, करुणा और सौम्यता का प्रतीक माना जाता है। भक्त महाष्टमी पर उनकी पूजा कर सुख-समृद्धि और शांति की कामना करते हैं।

मां महागौरी का प्रिय रंग

महागौरी की पूजा में सफेद रंग का विशेष महत्व बताया जाता है। सफेद रंग शांति, पवित्रता और सौम्यता का प्रतीक है। मां के गौर वर्ण से भी इस रंग का संबंध माना जाता है। वहीं, लाल रंग को शुभता का प्रतीक माना जाता है। महाष्टमी पर पूजा के लिए सफेद या लाल रंग के कपड़े पहन सकते हैं। इस दिन साफ-सुथरे और सादे वस्त्र पहनकर श्रद्धापूर्वक माता की आराधना करना शुभ माना जाता है।

मोगरे का फूल अर्पित करना शुभ

मां महागौरी की पूजा में मोगरे का फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है। इसकी सुगंध और सफेद रंग माता के शांत एवं निर्मल स्वरूप से मेल खाते हैं। महाष्टमी पर पूजा की थाली में मोगरे के फूल शामिल कर सकते हैं। हालांकि, पूजा में सबसे महत्वपूर्ण श्रद्धा और भक्ति का भाव है।

मां महागौरी का भोग

मां महागौरी को नारियल और नारियल से बनी मिठाइयों का भोग अर्पित करने की परंपरा है। भक्त माता को नारियल की बर्फी और लड्डू भी चढ़ाते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई पूजा से माता का आशीर्वाद प्राप्त होता है। महाष्टमी पर मां महागौरी की आराधना में पूजा की परंपराओं का ध्यान रखें।

महाअष्टमी पर कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त

महाअष्टमी के दिन कन्या पूजन का विशेष महत्व है। पंचांग में दिए गए मुहूर्त के अनुसार, इस दिन पूजा के लिए निम्न समय बताए गए हैं:

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:52 बजे से 5:40 बजे तक
  • अमृत काल: सुबह 7:28 बजे से 9:16 बजे तक
  • अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:49 बजे से दोपहर 12:34 बजे तक

कब है महानवमी?

द्रिक पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि 19 अक्टूबर को सुबह 10:51 बजे शुरू होकर 20 अक्टूबर को दोपहर 12:50 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर महानवमी का पर्व 20 अक्टूबर  मंगलवार को मनाया जाएगा। इस दिन मां दुर्गा की पूजा के साथ हवन और कन्या पूजन करने की परंपरा है। भक्त नवरात्रि के अंतिम दिनों में माता रानी की आराधना करके परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल की कामना करते हैं।

मां महागौरी की आरती
जय महागौरी जगत की माया।
जया उमा भवानी जय महामाया।।

हरिद्वार कनखल के पासा।
महागौरी तेरा वहां निवासा।।

चंद्रकली और ममता अंबे।
जय शक्ति जय जय मां जगदंबे।।

भीमा देवी विमला माता।
कौशिकी देवी जग विख्याता।।

हिमाचल के घर गौरी रूप तेरा।
महाकाली दुर्गा है स्वरूप तेरा।।

सती ‘सत’ हवन कुंड में था जलाया।
उसी धुएं ने रूप काली बनाया।।

बना धर्म सिंह जो सवारी में आया।
तो शंकर ने त्रिशूल अपना दिखाया।।

तभी मां ने महागौरी नाम पाया।
शरण आनेवाले का संकट मिटाया।।

शनिवार को तेरी पूजा जो करता।
मां बिगड़ा हुआ काम उसका सुधरता।।

भक्त बोलो तो सोच तुम क्या रहे हो।
महागौरी मां तेरी हरदम ही जय हो।।

 

डिस्क्लेमर : यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए Today Studio उत्तरदायी नहीं है।

 

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