दिवाली से एक दिन पहले नरक चतुर्दशी या छोटी दिवाली का त्योहार मनाया जाता है। छोटी दिवाली 19 अक्टूबर रविवार को मनाई जाएगी। माना जाता है कि कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को भगवान कृष्ण ने नरकासुर नाम के राक्षस का अंत किया था, इसलिए नरक चतुर्दशी का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन भगवान कृष्ण और माता लक्ष्मी की पूजा करना बेहद शुभ होता है। इसके साथ ही माता सीता और श्रीराम जी का पूजन भी भक्त इस दिन कर सकते हैं। आइए ऐसे में जान लेते हैं कि छोटी दिवाली के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त कब है और इस दिन किस विधि से आपको पूजा करनी चाहिए।
पूजा का शुभ मुहूर्त – छोटी दिवाली कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। पंचांग के अनुसार चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 19 अक्टूबर को दोपहर 1 बजकर 53 मिनट से होगी वहीं 20 तारीख को दोपहर 3 बजकर 46 मिनट पर इसकी समाप्ति होगी। छोटी दिवाली की पूजा सूर्यास्त के बाद ही की जाती है। इसलिए पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 47 मिनट से शुरू हो जाएगा। इसके बाद रात्रि 9 बजे तक आप पूजा-पाठ कर सकते हैं। इस दिन भगवान कृष्ण, माता लक्ष्मी, यमराज और हनुमान जी की पूजा का विधान है।
छोटी दिवाली पर पूजा की विधि- छोटी दिवाली की शाम को सूर्यास्त के बाद आपको पूजा करनी चाहिए। इस दौरान सबसे पहले आपको पूजा स्थल की साफ-सफाई करनी चाहिए। इसके बाद गंगाजल का छिड़काव पूजा स्थल पर करना चाहिए। अब गणेश जी की स्तुति के साथ आपको पूजा का शुभारंभ करना चाहिए। पूजा के दौरान आप भगवान श्रीकृष्ण के मंत्रों का जप, माता लक्ष्मी के मंत्रों का जप और हनुमान चालीसा का पाठ कर सकते हैं। पूजा के दौरान देवी-देवताओं को फल, फूल, अक्षत आदि आपको अर्पित करने चाहिए। इसके साथ ही पूजा के दौरान आपको दक्षिण दिशा में यम का दीपक जलाना चाहिए। पूजा के अंत में आपको माता लक्ष्मी और कृष्ण भगवान की आरती का पाठ करना चाहिए। इसके बाद घर के लोगों में प्रसाद का वितरण करना चाहिए। पूजा की समाप्ति के बाद आप घर के अलग-अलग कोनों में दीपक जला सकते हैं।







