रायपुर। बुधवार की सुबह डीएमएफ घोटाले को लेकर एसीबी-ईओडब्ल्यू ने प्रदेश के कई स्थानों पर छापेमारी की है। रायपुर, दुर्ग- भिलाई, धमतरी, राजनांदगांव सहित कई जिलों में छापे मारे हैं। एसीबी-ईओडब्ल्यू की टीम ने इस घोटाले से जुड़े संबंधित ठेकेदारों और सप्लायरों के बारह से ज्यादा ठिकानों पर दबिश दी है। सुबह-सुबह की गई इस कार्रवाई से छत्तीसगढ़ के व्यापारियों और ठेकेदारों में हड़कंप मचा हुआ है।
बताया जाता है कि सुबह करीब साढ़े पांच बजे ईओडब्लू की टीम लगभग 10 वाहनों के साथ यहां पहुंची। व्यापारियों के ठिकाने पर दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच पड़ताल की जा रही है। ईओडब्लू की ये कार्रवाई उत्खनन से जुड़े कारोबारियों, बड़े सप्लायर और ब्रोकर से संबंधित बताई जा रही है। टीम संबंधित कारोबारियों के वित्तीय लेन-देन और ठेकों की जानकारी ले रही है।
जाने कौन हैं इन घोटालों के आरोपी- इस कार्रवाई के पहले भी डीएमएफ घोटाले में कई बड़े अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है, जिसमें निलंबित आईएएस रानू साहू, आदिवासी विभाग की सहायक आयुक्त रह चुकी माया वारियर, व्यापारी सूर्यकांत तिवारी, पूर्व सीएम भूपेश बघेल की उपसचिव रह चुकीं सौम्या चौरसिया, कोरबा डीएमएफ की तत्कालीन नोडल अधिकारी भरोसाराम ठाकुर, राधेश्याम मिर्झा, वीरेंद्र कुमार राठौर, तत्कालीन जनपद सीईओ भुनेश्वर सिंह राज को गिरफ्तार किया था। वहीं, संजय शेंडे, ऋषभ सोनी और राकेश कुमार शुक्ला की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है।







