Home » यूएस का नाम लिए बिना ट्रंप को दे दिया संदेश, जानें पीएम मोदी ने अपने भाषण में क्या कहा
देश

यूएस का नाम लिए बिना ट्रंप को दे दिया संदेश, जानें पीएम मोदी ने अपने भाषण में क्या कहा

नई दिल्ली।  15 अगस्त को देश आज 79वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सुबह लाल किले के प्राचीर से देश को संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में यूएस का नाम लिए बिना इशारों-इशारों में अमेरिका पर भी निशाना साध दिया। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को संदेश दिया कि भारत टैरिफ को लेकर कोई समझौता नहीं करेगा।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि वे किसानों और मछुआरों के हितों की रक्षा करेंगे। वे किसी भी गलत नीति से उन्हें बचाने के लिए दीवार बनकर खड़े रहेंगे। उन्होंने कहा, ‘किसान, पशुपालक और मछुआरे हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता हैं। कोई भी नीति जो उनके हितों को खतरे में डालती है, मोदी उसके खिलाफ दीवार बनकर खड़ा है। भारत अपने किसानों के हितों की रक्षा करने के मामले में कभी समझौता नहीं करेगा।’

ऐसा पीएम मोदी ने क्यों कहा – ये बातें तब सामने आईं हैं, जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर कुछ अनबन चल रही है। दरअसल, अमेरिका से आने वाले कुछ कृषि और डेयरी उत्पादों को लेकर दोनों देशों में सहमति नहीं बन पाई। इस वजह से दोनों देशों के बीच व्यापार की बातचीत टूट गई। भारत और अमेरिका के बीच इस मुद्दे पर मतभेद हैं। सरकार का कहना है कि वह किसानों के हितों को सबसे ऊपर रखेगी, भले ही उसे किसी देश से व्यापार में नुकसान हो।

डॉलर पर क्या बोले मोदी- पीएम मोदी ने अमेरिकी डॉलर को लेकर भी डोनाल्ड ट्रंप पर  निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एक राष्ट्र के लिए आत्मसम्मान की सबसे बड़ी कसौटी आज भी उसकी आत्मनिर्भरता है। आत्मनिर्भर भारत विकसित भारत का आधार भी है, जो दूसरों पर ज्यादा निर्भर रहता है उसकी आजादी पर उतना ही बड़ा प्रश्नचिह्न लग जाता है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता का नाता सिर्फ आयात और निर्यात रुपये, पैसे, पाउंड, डॉलर तक सीमित नहीं है। आत्मनिर्भरता का नाता हमारे सामर्थ्य से जुड़ा रहता है। इसलिए हमारे सामर्थ्य को बचाए रखने और बनाए रखने और बढ़ाए रखने के लिए आत्मनिर्भर होना बहुत अनिवार्य है।

ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने अहम घोषणा-  पीएम मोदी ने कहा कि हम समुद्र के भीतर के तेल के भंडार को खोजने की दिशा में एक मिशन मोड में काम करना चाहते हैं। भारत एक डीप वॉटर एक्सप्लोरेशन मिशन शुरू करने जा रहा है। यह ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के लिए हमारी अहम घोषणा है। आज दुनिया क्रिटिकल मिनरल को लेकर सतर्क हो गया है। हमारे लिए भी क्रिटिकल मिनरल्स में आत्मनिर्भरता अनिवार्य है। रक्षा, तकनीक, आदि क्षेत्रों में क्रिटिकल मिनरल्स की काफी बड़ी भूमिका है। इसलिए नेशनल क्रिटिकल मिशन हमने लॉन्च किया है। 1200 से अधिक स्थानों पर खोज का अभियान चल रहा है। हम क्रिटिकल मिनरल्स की दिशा में भी आत्मनिर्भर बनने की ओर बढ़ रहा है।

Search

Archives