देश के कई राज्यों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) ने शुक्रवार को चेतावनी जारी करते हुए बताया कि 22 नदी मॉनिटरिंग स्टेशनों पर ‘अत्यधिक बाढ़’ की स्थिति दर्ज की गई है, जबकि 23 अन्य स्टेशनों पर पानी का स्तर सामान्य से ऊपर है।
सबसे गंभीर स्थिति बिहार और उत्तर प्रदेश में है। दोनों राज्यों में आठ-आठ मॉनिटरिंग स्टेशनों पर नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से काफी ऊपर है। अन्य राज्यों में गुजरात, दिल्ली, झारखंड, ओडिशा, राजस्थान और पश्चिम बंगाल में एक-एक स्टेशन पर ‘अत्यधिक बाढ़’ की स्थिति है। इसके अलावा असम, जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल में कई नदियों का जलस्तर सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया है।
यमुना का जलस्तर गिरने की संभावना- दिल्ली में यमुना नदी ओल्ड रेलवे ब्रिज (ओआरबी) पर ‘अत्यधिक बाढ़’ की स्थिति में बह रही है। हालांकि, सीडब्ल्यूसी का कहना है कि शुक्रवार रात तक इसका जलस्तर घटकर 207.15 मीटर तक पहुंच सकता है।
गुजरात में नदियों का उफान- गुजरात में नर्मदा, तापी, दमनगंगा और साबरमती जैसी प्रमुख नदियों में अगले 2-3 दिन तक तेज बहाव रहने की आशंका है। सबसे ज्यादा खतरा भरूच, सूरत, वडोदरा, साबरकांठा, बनासकांठा और राजकोट जिलों में है। यहां प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
राजस्थान में कई नदियों का जलस्तर बढ़ा- राजस्थान में माही, साबरमती, चंबल और बनास नदियां तेजी से बढ़ रही हैं। प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, उदयपुर, कोटा, बूंदी और झालावाड़ जिलों में गंभीर बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है।
महाराष्ट्र में भारी बारिश का खतरा- महाराष्ट्र के धुले, नंदुरबार, पालघर, ठाणे और पुणे जिलों में अगले 24 घंटों में बहुत भारी बारिश की संभावना है। इससे तापी, वैतरणा, भीमा और कोयना नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है।
उत्तर प्रदेश और बिहार में विकट स्थिति- उत्तर प्रदेश में गंगा, यमुना, रामगंगा और घाघरा नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। सबसे प्रभावित जिले- मथुरा, बलिया, शाहजहांपुर, बाराबंकी, फर्रुखाबाद और फतेहपुर। बिहार में गंगा, कोसी, गंडक और घाघरा नदियों में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सबसे प्रभावित जिले- पटना, भागलपुर, सीवान और खगड़िया।
सीडब्ल्यूसी ने अगले 24 घंटों में अचानक बाढ़ की आशंका जताई है, खासकर गुजरात, पश्चिमी मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में प्रशासन को सतर्क रहने और नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखने को कहा गया है।
डैम से पानी छोड़ने को लेकर सख्त निर्देश- सीडब्ल्यूसी ने बताया कि देशभर में 46 बांधों और बैराजों के लिए पानी छोड़ने की चेतावनी जारी की गई है। इनमें कर्नाटक के 12, तेलंगाना के 6 और आंध्र प्रदेश के 5 बड़े बांध शामिल हैं। इसके अलावा मध्य प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु, ओडिशा, महाराष्ट्र और उत्तराखंड के कई बांध भी लगभग पूरी क्षमता तक भर चुके हैं। जल आयोग ने राज्यों को निर्देश दिया है कि बांधों का संचालन तय प्रोटोकॉल के अनुसार ही करें, ताकि अचानक बड़ी मात्रा में पानी छोड़ने से निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति न बने।
देश के कई हिस्सों में नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सीडब्ल्यूसी ने राज्य सरकारों और प्रशासन को तत्काल सतर्क रहने, राहत और बचाव दलों को तैयार रखने और डैमों का संचालन बेहद सावधानी से करने की सलाह दी है। आने वाले 2-3 दिन स्थिति और गंभीर हो सकती है, खासकर उन राज्यों में जहां भारी बारिश जारी रहने की संभावना है।







