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यहां बारिश की वजह से जनजीवन अस्त-व्यस्त, 400 सड़कें बंद, एक हफ्ते के लिए अलर्ट जारी

शिमला। हिमाचल प्रदेश के तमाम इलाकों में इन दिनों भारी बारिश हो रही है। इस वजह से जगह-जगह-भूस्खलन का मामला भी सामने आया है। वहीं कई जगह पर आवागमन भी अवरुद्ध हुई हैं। हिमाचल प्रदेश के तमाम इलाको में मध्यम से भारी बारिश होने के कारण दो नेशनल हाइवे सहित कुल 400 सड़कों को वाहनों के आवागमन के लिए बंद कर दिया गया है। मंडी जिले में 221 और कुल्लू में 102 सड़कें बंद हैं। इसके अलावा राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) ने कहा कि नेशनल हाइवे-3 (मंडी-धर्मपुर रोड) और एनएच-305 (औट-सैंज रोड) भी बंद हैं।

अगले सात दिनों के लिए येलो अलर्ट- अधिकारियों के मुताबिक हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश की वजह से 208 बिजली आपूर्ति ट्रांसफार्मर और 51 जलापूर्ति योजनाएं बाधित हुई हैं। वहीं इस बीच स्थानीय मौसम विभाग ने 30 अगस्त तक राज्य के दो से सात जिलों के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने आगामी सात दिनों के लिए कुछ जिलों में येलो अलर्ट भी जारी किया है। बता दें कि शनिवार रात से राज्य के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हुई है।

कहां कितनी हुई बारिश- पंडोह में सबसे अधिक 123 मिलीमीटर, कसौली में 105 मिलीमीटर, जोत में 104.6 मिलीमीटर और मंडी तथा करसोग में 68 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने बताया कि नादौन में 52.8 मिलीमीटर, जोगिंदरनगर में 54 मिलीमीटर, बग्गी में 44.7 मिलीमीटर, धरमपुर में 44.6 मिलीमीटर, भट्टियात में 40.6 मिलीमीटर, पालमपुर में 33.2 मिलीमीटर, नेरी में 31.5 मिलीमीटर और सराहन में 30 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने बताया कि सुंदरनगर, शिमला, भुंतर, जोत, मुरारी देवी, जुब्बड़हट्टी और कांगड़ा में गरज के साथ बारिश हुई।

अब तक 152 लोगों की हुई मौत- एसईओसी ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में 20 जून को मानसून की शुरुआत के बाद से कम से कम 152 लोगों की मौत हो चुकी है और 37 लापता हैं। राज्य में अब तक 75 बार अचानक बाढ़ आने, 40 बार बादल फटने और 74 बड़े भूस्खलन की घटनाएं हो चुकी हैं और कुल 97 बिजली आपूर्ति ट्रांसफार्मर और 51 जलापूर्ति योजनाएं बाधित हुई हैं।

रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल प्रदेश को बारिश से संबंधित घटनाओं में 2,347 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। राज्य में मानसून के दौरान एक जून से 24 अगस्त तक सामान्य से 16 प्रतिशत अधिक 662.3 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि औसत बारिश 571.4 मिलीमीटर होती है।

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