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जब तक पाकिस्तान का दोगलापन नहीं जाएगा तब तक भारत में आतंक का खतरा : मोहन भागवत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने पहलगाम आतंकी हमले और अन्य आतंकी कृत्यों को लेकर पाकिस्तान पर बड़ा हमला बोला है। नागपुर में मोहन भागवत ने कहा कि जब तक पाकिस्तान का दोगलापन नहीं जाएगा तब तक भारत में आतंक का खतरा बना रहेगा। मोहन भागवत ने आगे ये भी कहा है कि भारत को अपनी सुरक्षा के मामले में स्वयं निर्भर होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि देश में नई तकनीक का अनुसंधान भी होना चाहिए।

पहलगाम में आतंकी हमले और भारत के सशस्त्र बलों की ओर से पाकिस्तानी आतंकियों और उसकी सेना के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर को लेकर मोहन भागवत ने कहा- “पहलगाम में जो हमला हुआ हमारे नागरिकों को आतंकवादियों द्वारा मारा गया, कुछ कार्रवाई हुई। शासन की दृढ़ता दिखी और अपनी सेना फिर से चमक उठी। उत्तम प्रजातंत्र का दृश्य खड़ा हुआ है।

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए पाकिस्तान को दोगला कहा है। मोहन भागवत ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि “शांतिपूर्वक रह सके इसके लिए अलग हुए और अलग होते ही अशांति प्रारंभ कर दिया। ये दोगलापन जब तक जाता नहीं, तब तक देश में ये खतरा बना रहेगा।” मोहन भागवत ने कहा कि टेढ़ापन जब तक कायम है, द्विराष्ट्र का भूत जब तक मन में कायम है तब तक देश में आतंक का खतरा बना रहेगा।

मोहन भागवत ने कहा कि नई तकनीक का अनुसंधान होना चाहिए। अपनी सुरक्षा के मामले में हमको स्वयं पर निर्भर होना पड़ेगा। सेना प्रमुख ने भी कहा है। उन्होंने कहा कि प्रॉक्सी वॉर लगातार चल रहा है। युद्ध के प्रकार बदल गए हैं और घर में बैठ के ड्रोन छोड़े जा सकते हैं। देश क्या-क्या कर सकते हैं, दुनिया की भी परीक्षा हो गई है। कौन हमारे विरोधी हैं उनकी भी परीक्षा हुई है। मोहन भागवत ने कहा है कि असली बल समाज का होता है। हमारी समझ सजग है। हमें एक रहना चाहिए। समाज में किसी वर्ग की किसी वर्ग से लड़ाई न हो ये देखना होगा। भड़काऊ भाषा उत्पन्न करने वाले लोगों के चंगुल में नहीं फंसना है। एक दूसरे के साथ सद्भावना और सदविचार से रहना आवश्यक है। देश के नाते, समाज के नाते हम एक हैं।

मोहन भागवत ने देश में हो रहे धर्मांतरण के मुद्दे पर भी बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि अपने मन से कोई पूजा का तरीका बदलता है तो अभी तक किसी ने ऑब्जेक्शन नहीं किया है। लेकिन लालच, जबरदस्ती से करना हिंसा की तरह है। भागवत ने कहा कि वास्तव में सारा विश्व एक है, हम एक हैं, इसका भान सारी दुनिया को करना है। संघ का काम ही समाज के लिए काम करना है।

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