रतलाम। रतलाम पुलिस ने नकली नोट खपाने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने सगोद रोड स्थित वन विभाग नाके के पास से दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 100-100 रुपये के कुल 20 नकली नोट बरामद किए गए हैं। पूछताछ में पता चला कि ये नोट इंदौर निवासी गगन नामक युवक से लाए गए थे। इसके बाद पुलिस ने गगन को भी इंदौर से गिरफ्तार किया, जिसने बताया कि वह यह नकली करेंसी गुजरात के भुज से लाया था। अब पुलिस की एक टीम भुज भेजी गई है।
दरअसल रतलाम पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो युवक सागोद रोड स्थित वन विभाग नाके के पास सब्जी के ठेले के पास नकली नोटों के साथ मौजूद हैं। इस पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 40 वर्षीय अंकित राजुल और 35 वर्षीय वासुदेव राजुल दोनों निवासी तक्षशिला परिसर, मुखर्जी नगर, रतलाम को हिरासत में लिया।
तलाशी में अंकित के पास 11 और वासुदेव के पास 9 नकली नोट बरामद हुए। नोटों की जांच में पुष्टि हुई कि ये भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी किए गए असली नोटों से भिन्न हैं। इस पर दोनों के खिलाफ थाना दीनदयाल नगर में बीएनएस की धारा 179, 180, 182 के तहत मामला दर्ज किया गया। पूछताछ में दोनों भाइयों ने बताया कि उन्होंने ये नकली नोट इंदौर निवासी गगन नागदे से खरीदे थे।
इसके आधार पर पुलिस टीम ने गगन नागदे पुत्र विनोद नागदे, निवासी साहिल एवेन्यू, बंगाली चौराहा, थाना खजराना, इंदौर को गिरफ्तार कर लिया। गगन ने पूछताछ में खुलासा किया कि वह यह नकली नोट गुजरात के कच्छ जिले के भुज से लाया था। इस जानकारी के बाद पुलिस की एक टीम को भुज भेजा गया है।
पुलिस ने अंकित और वासुदेव को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। थाना प्रभारी मनीष डाबर के अनुसार, गगन फिलहाल पुलिस रिमांड पर है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है। भुज भेजी गई टीम अभी लौट कर नहीं आई है। पुलिस नकली नोटों के इस नेटवर्क की पूरी कड़ी को उजागर करने की दिशा में जुटी हुई है। मामला गंभीर होने के चलते आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।







