कोरबा। गर्भवती महिला को प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। महिला ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया लेकिन उसका रक्तस्राव रुकने का नाम नहीं ले रहा था। रात में चिकित्सक और नर्स के न रहने पर स्थिति और बिगड़ गई। दूसरे दिन अन्य अस्पताल में रेफर कर दिया गया, जहां महिला की मौत हो गई। इस घटना से नाराज लोगों ने अस्पताल का घेराव कर जिम्मेदार चिकित्सक को बर्खास्त करने और गिरफ्तारी की मांग की।
रजगामार रोड पर रिसदी के पास स्थित श्वेता नर्सिंग होम को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी तादाद में यहां पहुंचीं महिलाओं और पुरुषों ने उग्र रूप दिखाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। महिला डॉक्टर मनियारो कुजूर को अस्पताल से हटाने और उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई। अस्पताल के घेराव की सूचना मिलने पर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। यहां अधिकारियों के सामने भी लोगों ने अपनी नाराजगी जाहिर की। आरोप था कि चिकित्सक की लापरवाही के कारण महिला की मौत हो गई।
आक्रोशित लोगों को काफी मशक्कत कर अधिकारियों ने शांत कराया। उन्हें आश्वस्त किया गया कि मामले की जांच कर दोषी लोगों के विरुद्ध कार्रवाई अवश्य की जाएगी।
गौरतलब है कि गोढ़ी निवासी अंजली सिंह को 1 जून को श्वेता नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था, यहां अंजलि ने एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव के कारण अंजली के प्राण नहीं बचाए जा सके। श्वेता नर्सिंग होम से अंजलि को न्यू कोरबा अस्पताल रेफर किया गया था, जहां उसकी मौत हो गई थी।
मृतका के पति रणविजय सिंह ने बताया कि उसकी पत्नी ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया, जिसके बाद अचानक से उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। डॉक्टर के द्वारा इलाज नहीं किया गया, ट्रेनी नर्सिंग स्टाफ द्वारा उपचार दिया गया। जिसके बाद धीरे-धीरे हालत बिगड़ने लगी और उसे दूसरे अस्पताल में रेफर कर दिया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
इस घटना के बाद से ही अंजलि के परिजन काफी आक्रोशित थे, पहले उन्होंने शिकायत कर कार्रवाई की मांग की, लेकिन जब उनकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया गया तो वह सड़क पर उतरने को मजबूर हुए।







