कोरबा। एसईसीएल और राजस्व विभाग के अधिकारियों की कथित मिलीभगत से हुए 3.44 करोड़ रुपये के मुआवजा घोटाले में खुशाल जायसवाल और राजेश जायसवाल के साथ एसईसीएल के जिम्मेदार अधिकारियों पर भी अपराध दर्ज किया गया है। मामले में जांच जारी है, जिसमें और भी कई लोगों के नाम आ सकते हैं। पिछले ही दिनों CBI की एक टीम ने ग्राम मलगांव और रलिया पहुंचकर जांच पड़ताल को आगे बढ़ाया था।
कई निजी लोगों के द्वारा एसईसीएल के अधिकारियों (पात्र संपत्ति के मालिक/उचित दावेदार का निर्धारण करने के लिए जिम्मेदार विभिन्न समितियों के अधिकारी) के साथ आपराधिक साजिश कर सरकारी खजाने से 9 करोड़ से ज्यादा की धोखाधड़ी की शिकायतों के विवेकपूर्ण वेरिफिकेशन से एसीबी/सीबीआई को पता चला है कि खुशाल जायसवाल ने सरकारी जमीन पर बने घरों के लिए एक करोड़ साठ लाख रुपये से ज्यादा का मुआवजा लिया है।
मिली जानकारी के मुताबिक मलगांव, अमगांव (अमगांव में अलग-अलग फेज) जैसे गांवों में मौजूद सरकारी जमीन या दूसरों की जमीन पर बने घरों के लिए सात से ज्यादा बार अपने या अपने परिवार के करीबी सदस्यों के नाम पर एक करोड़ 83 लाख से ज्यादा का मुआवजा लिया गया है।







