जलालाबाद। अफगानिस्तान के पूर्वी इलाके में आए विनाशकारी भूकंप में मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 900 हो गया है। इस हादसे में अब तक करीब 3,000 लोग घायल हुए हैं, और राहत टीमें मलबे के नीचे फंसे लोगों को निकालने में जुटी हैं।
यह विनाशकारी भूकंप रविवार देर रात आया था और इसकी तीव्रता 6.0 मापी गई थी। यह भूकंप एक पहाड़ी क्षेत्र में आया था, जिससे कई गांवों में घर पूरी तरह ढह गए और लोग घंटों तक मलबे के नीचे दबे रहे। अफगानिस्तान के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रवक्ता यूसुफ हम्माद ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया, घायलों को निकाला जा रहा है, इसलिए यह आंकड़े अभी और भी बदल सकते हैं।
उन्होंने बताया कि कुछ इलाकों में भूकंप के कारण भूस्खलन हुआ जिससे सड़कें बंद हो गई थीं। हालांकि अब कई सड़कों को फिर से खोल दिया गया है और बाकी रास्तों को भी जल्द खोलने की कोशिश की जा रही है, ताकि उन इलाकों तक पहुंचा जा सके जहां जाना अब भी मुश्किल है।
मदद के लिए आगे आया भारत – तबाही का दंश झेल रहे अफगानिस्तान की मदद के लिए भारत आगे आया है। भारत ने अफगानिस्तान को राहत सामग्री और मानवीय सहायता भेजी है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने भूकंप के बाद अफगानिस्तान को मानवीय सहायता प्रदान की है। एक्स पर पोस्ट में विदेश मंत्रालय ने चावल और अन्य खाद्य पदार्थों की बोरियों से लदे ट्रकों की तस्वीरें साझा की हैं।
India extends humanitarian assistance to Afghanistan in the wake of earthquake. https://t.co/LYIk1ZhIqP pic.twitter.com/v2V84gBYfc
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) September 1, 2025
पीएम मोदी ने जताया था दुख- इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया था कि अफगानिस्तान में भूकंप के कारण हुई जान-माल की हानि से मुझे गहरा दुख हुआ है। इस कठिन घड़ी में हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। हम घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं। भारत प्रभावित लोगों को हर संभव मानवीय सहायता और राहत प्रदान करने के लिए तैयार है।’







