मानसून में धूप की कमी, अत्यधिक उमस और अनिश्चित माहौल के कारण एंजायटी की समस्या बढ़ जाती है। चिकित्सकों की मानें तो बारिश के कारण लोग अक्सर घरों में बंद हो जाते हैं। बाहर निकलने की गतिविधियां सीमित हो जाती हैं, जिससे लोगों से मिलना-जुलना कम हो जाता है।
अकेलेपन और इनएक्टिविटी का यह कॉम्बिनेशन मेंटल हेल्थ को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। जब इंसान ज्यादा समय अकेले बिताता है, तब उसके विचार नकारात्मक दिशा में जाने लगते हैं और वह एंजायटी या डिप्रेशन की ओर बढ़ सकता है। जो लोग मॉनसून एंग्जाइटी से बचाव करना चाहते हैं या फिर इस तरह की समस्या से छुटकारा पाना चाहते हैं, वो कुछ छोटी-छोटी टिप्स को फॉलो करना शुरू कर सकते हैं। यकीन मानिए ये टिप्स मॉनसून एंग्जाइटी को काफी हद तक कम कर सकती हैं।
मॉनसून एंग्जाइटी से कैसे बचें?- साउंड स्लीप आपकी एंग्जाइटी को कम करने में मददगार साबित हो सकती है। सोने से कम से कम 1-2 घंटे पहले आपको अपने फोन से दूरी बना लेनी चाहिए। सोने का टाइम सेट करें यानी रात में एक ही समय पर सोएं और अगली सुबह एक ही समय पर उठें। आप लाइट थेरेपी को भी यूज कर सकते हैं। सुबह-सुबह डेलाइट स्पेक्ट्रम लैंप का इस्तेमाल करने से भी आपके मूड पर पॉजिटिव असर पड़ सकता है।
योग फायदेमंद – रोजाना 15 मिनट योग करने से मॉनसून एंग्जाइटी को दूर किया जा सकता है। डांस थेरेपी भी आपके मूड को सुधारने में असरदार साबित हो सकती है। इसके अलावा इस समस्या से बचने के लिए आपको कैफीन के सेवन को भी कम कर देना चाहिए। बारिश में ज्यादा मात्रा में कैफीन लेने से बेचैनी बढ़ सकती है। कैफीन की जगह आप कैमोमाइल या फिर लेमन टी जैसी हर्बल चाय पी सकते हैं।
पेपरमिंट एसेंशियल ऑयल की खुशबू फायदेमंद- लैवेंडर या फिर पेपरमिंट एसेंशियल ऑयल की खुशबू भी एंग्जाइटी को कम करने में कारगर साबित हो सकती है। इसके अलावा मॉनसून एंग्जाइटी की समस्या से बचने के लिए घर में अच्छा वेंटिलेशन होना जरूरी है। हेल्दी एयर क्वॉलिटी आपकी मेंटल हेल्थ को सुधार सकती है। अगर इस तरह की टिप्स को फॉलो करने के बाद भी आपको आराम नहीं मिल पा रहा है तो आपको साइकोथेरेपी की मदद लेनी चाहिए।







