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हरियाणा

मुस्लिमों के खिलाफ नफरत ना फैलाएं… विनय नरवाल के बर्थडे पर पत्नी हिमांशी की अपील

करनाल। पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की पत्नी हिमांशी ने उनके जन्मदिन पर एकता का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि वह चाहती हैं कि पूरा देश उनके लिए प्रार्थना करे और वह जहां भी हों स्वस्थ और खुश रहें। हिमांशी ने कहा कि वह देश में शांति चाहती हैं और किसी भी धर्म या समुदाय के खिलाफ नफरत नहीं चाहतीं।

आज एक मई को विनय नरवाल का जन्मदिन है। इस मौके पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हिमांशी ने भी ब्लड डोनेट किया। विनय नरवाल का आज 26 वां जन्मदिन है। परिवार के सदस्यों ने पहले इस दिन के लिए खास तैयारी की थी और सभी दोस्तों और रिश्तेदारों को पार्टी के लिए बुलाना था, लेकिन अब सब कुछ बदल गया है। इसलिए परिवार के सदस्यों ने विनय की याद में थैलीसीमिया पीड़ितों के लिए रक्तदान शिविर लगाने का फैसला लिया।

’सरकार जो भी फंड देगी दान करेंगे’

वहीं, विनय के स्वजन माता आशा, पिता राजेश नरवाल व दादा हवा सिंह ने भी एक सुर में शहीद का दर्जा देने की मांग दोहराई है। पिता ने कहा कि सरकार सोचे, हक बनता है तो मिलना चाहिए।

विनय के पिता ने कहा है कि सरकार की ओर से जो भी फंड मिलेगा वे उसे उस संस्थान या संस्था को दान कर देंगे, जिसका नाम सरकार विनय के नाम पर रखेगी। एक भी पैसा वह अपने घर पर नहीं रखेंगे।

विनय के ससुर सुनील कुमार ने कहा कि लोगों की आवाज है कि विनय को शहीद का दर्जा मिलना चाहिए। इधर शहर की सामाजिक संस्थाएं भी इस मांग को जोर शोर से उठाने लगी हैं। निफा संस्था ने सरकार से मांग रखी है कि विनय की श्रद्धांजलि सभा से पहले उसे शहीद का दर्जा देने का ऐलान किया जाए।

आतंकी हमले में गई थी जान

बता दें कि 22 अप्रैल को आतंकी हमले में 26 लोगों की जान गई थी। इनमें करनाल के नेवी अफसर विनय नरवाल भी शामिल थे। लेफ्टिनेंट विनय नरवाल हरियाणा के करनाल जिले के रहने वाले थे। नरवाल की हाल ही में शादी हुई थी और वे हनीमून के लिए कश्मीर गए थे। रक्षा अधिकारियों ने बताया कि 26 साल के नरवाल कोच्चि में तैनात थे। 16 अप्रैल को अपनी शादी के बाद कश्मीर घूमने गए थे। उनका रिसेप्शन 19 अप्रैल को हुआ था।

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