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पेपर लीक जैसी समस्या के साथ लौटा ‘दुपहिया 2’, पहले सीजन को दर्शकों ने खूब किया था पसंद

गजराज राव, स्पर्श श्रीवास्तव, रेणुका शहाणे, शिवानी रघुवंशी, भुवन अरोड़ा और दिनेश लाल यादव निरहुआ की Dupahiya Season 2 गुरुवार, 01 अक्‍टूबर को OTT पर रिलीज हो गई है।

आजकल गांव-देहात से जुड़ी कहानियां दर्शकों के बीच खूब पसंद की जा रही हैं। ‘पंचायत’ और ‘ग्राम चिकित्सालय’ जैसी चर्चित सीरीज को दर्शकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। ऐसी ही एक सीरीज है ‘दुपहिया’, जिसके पहले सीजन की सफलता के बाद अब इसका दूसरा सीजन ओटीटी पर दस्तक दे चुका है। ‘दुपहिया’ का पहला सीजन 2025 में आया था, जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया था।

अब इस सीरीज का दूसरा भी आ गया है, जो पहले सीजन वाली सादगी को बनाए रखता है। ऐसे शो के वापस आने पर एक अलग ही सुकून मिलता है जिसके किरदार पहले से ही जाने-पहचाने लगते हैं और ‘दुपहिया’ के साथ भी कुछ ऐसा ही है। मगर नया सीज़न और पहले से ज्यादा ड्रामे से भरा है, लेकिन इसमें कई दिल को छू लेने पल भी हैं। ‘दुपहिया 2’ में पेपर लीक जैसी समस्या को भी मजबूती से रखा गया है।

‘दुपहहिया’ में बिहार के एक गांव धड़कपुर की कहानी दिखाई गई है, जहां एक लड़की की शादी इसलिए टूट जाती है, क्योंकि दहेज में दूल्हे को दुपहिया (मोटरसाइकिल) चाहिए, इसके बाद लड़की गुस्से में कहती है कि वह एसएसी क्लियर करेगी और अपनी शर्तों पर अपनी जिंदगी जीएगी। दूसरे सीजन में धड़कपुर गांव की कहानी पिछली कहानी के साथ आगे बढ़ती है और इस बार बात 5G नेटवर्क टावर और पेपर लीक जैसे मुद्दे तक पहुंच चुकी है।

‘दुपह‍िया सीजन 2’ वेब सीरीज रिव्‍यू

निर्देशक सोनम नायर पहले सीजन की तरह ही दूसरे सीजन में भी गांव और छोटे शहर की जिंदगी की विडंबनाओं और विसंगतियों से हास्य पैदा करने के मूल भाव को बरकरार रखती हैं। कहानी का आधार अब भी धड़कपुर के लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी है, जहां छोटी-छोटी परेशानियां, आपसी नोकझोंक और सामाजिक मान्यताएं सहज हास्य का हिस्सा बनती हैं। निर्देशक के साथ ही शो के क्रिएटर्स अविनाश द्विवेदी और चिराग गर्ग ने इस बार भी छोटे शहरों की मानसिकता, रोजमर्रा की उलझनों और सामाजिक विसंगतियों को कहानी में इस तरह पिरोया है कि कॉमेडी स्वाभाविक लगती है।

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