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छत्तीसगढ़ • दुर्ग-भिलाई

राष्ट्रीय दलों को हराने मैदान में उतरे मुक्तिधाम के डोम शंकर साहू, 35 साल बाद भी नियमित कर्मी नहीं

दुर्ग। छत्तीसगढ़ में चुनावी बिगुल बज चुका है। राष्ट्रीय दलों के प्रत्याशी एक दूसरे को पटखनी देने लगातार प्रचार अभियान में भी जुट गए हैं। इस बीच इस चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी भी अपना भाग्य बदलने में लगे हैं। दुर्ग जिले में एक डोम ने भी वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र से नामांकन भरा है। शंकर लाल साहू कई बार विधानसभा चुनाव में अपना किस्मत आजमा चुके है।

वैशाली नगर से निर्दलीय प्रत्याशी शंकर लाल साहू रामनगर मुक्ति धाम में शवों को जलाने का काम करते हैं। इस बार फिर वैशाली नगर विधानसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी हैं। साहू पिछले 20 सालों से चुनाव में अपनी किस्मत आजमाते आ रहे हैं और हर बार उनकी जमानत जप्त होती रही है। साहू 35 सालों से रामनगर मुक्तिधाम में डोम का काम कर रहे हैं। लगभग उन्होंने लगभग 50 हजार शवों को जलाने में अपना योगदान दिया है और लगभग 2000 से अधिक अस्थि कलशों को सहेजकर परिजनों को सौंपा है। शंकर लाल साहू विधायक, पार्षद और महापौर के चुनाव में भी अपनी किस्मत आजमा चुके हैं। इस बार फिर वे वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र से फिर से निर्दलीय प्रत्याशी हैं। शंकर लाल जब नामांकन फॉर्म लेंने निर्वाचन कार्यालय पहुंचे थे तब उन्होंने निर्वाचन अधिकारियों को 5 हजार के सिक्के और 5 हजार के नोट देकर नाम निर्देशन फॉर्म खरीदा था।

शंकर लाल साहू का कहना है कि 35 साल हो गए, लेकिन अब तक वे नियमित नहीं हो सके हैं। उन्हें आज भी कलेक्टर दर पर वेतनमान मिल रहा है। इसके अलावा वैशाली नगर क्षेत्र में पानी की समस्या, खस्ता हाल सड़क, तालाबों के सौंदर्यीकरण की समस्या और भ्रष्टाचार जैसे कई मुद्दे हैं, जिसके लिए वे चुनाव मैदान में उतरते हैं।

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