फर्श पर मृत मिला, मानसिक स्थिति पिछले पांच वर्षों से ठीक नहीं
बिलासपुर। सिम्स के ईएनटी विभाग की प्रमुख डॉ. आरती पांडेय के 19 वर्षीय बेटे आयुष्मान तिवारी ने अपने फ्लैट में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना शनिवार रात की है। जानकारी के अनुसार, जब माता-पिता छठ पूजा से घर लौटे तो उन्होंने बेटे को फर्श पर मृत अवस्था में पाया।
पंखा टूटकर गिरा नीचे
पुलिस के अनुसार, आयुष्मान ने छत के पंखे से रस्सी बांधकर फांसी लगाई थी। वजन अधिक होने से पंखा टूटकर नीचे गिर गया, लेकिन गले में फंदा कसने से उसकी मौत हो गई। सिविल लाइन टीआई सुम्मत साहू ने बताया कि डॉ. आरती पांडेय और उनके पति डॉ. आशुतोष तिवारी, दोनों चिकित्सक हैं और चंद्रा पार्क में रहते हैं। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मानसिक स्थिति ठीक नहीं
पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आयुष्मान की मानसिक स्थिति पिछले पांच वर्षों से ठीक नहीं थी और उसका इलाज चल रहा था। आशंका है कि लंबे समय से चल रही मानसिक परेशानी के कारण उसने यह कदम उठाया। घटना की सूचना मिलते ही सिम्स के डॉक्टर, कर्मचारी और परिजन देर रात तक उनके घर पहुंचे। पुलिस सोमवार को परिवार से बयान दर्ज करेगी। आयुष्मान का अंतिम संस्कार सोमवार को गया है।







