बलरामपुर। जिला सहकारी बैंक की दो शाखाओं, शंकरगढ़ और कुसमी में एक बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आया है। इस घोटाले में 2012 से 2024 के बीच फर्जी खातों के माध्यम से लगभग 28 करोड़ रुपये का गबन किया गया है। घोटाले की यह राशि और बढ़ने की आशंका है।
जांच में सामने आया है कि इस बड़े गबन को अंजाम देने के लिए फर्जी खातों का सहारा लिया गया। धोखेबाजों ने किसानों के नाम पर या अन्य व्यक्तियों के नाम पर जाली खाते खोले और इन खातों के माध्यम से किसानों के पैसे का गबन किया। यह एक सुनियोजित वित्तीय अपराध प्रतीत होता है जिसमें बैंक के अंदरूनी लोग और बाहरी तत्व दोनों शामिल थे।
प्रशासन की भूमिका और जांच- यह मामला सामने आने के बाद सरगुजा कलेक्टर विलास भोस्कर ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एक उच्च-स्तरीय जांच टीम का गठन किया था। इस टीम की विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर ही पुलिस ने FIR दर्ज की और आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की। प्रशासन इस मामले की तह तक जाने और सभी दोषियों को सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। जांच अधिकारियों का मानना है कि घोटाले की राशि अभी और बढ़ सकती है क्योंकि कई अन्य लेनदेन की भी बारीकी से जांच की जा रही है। मामले में अभी भी जांच जारी है और आने वाले समय में और भी खुलासे हो सकते हैं ।
गिरफ्तार आरोपियों की सूची:
- अशोक कुमार सोनी: तत्कालीन शाखा प्रबंधक और मुख्य आरोपी
- विकास चंद पांडवी: सेवानिवृत्त पर्यवेक्षक
- एतबल सिंह: सहायक मुख्य पर्यवेक्षक और सेवानिवृत्त समिति प्रबंधक
- समल साय: सेवानिवृत्त शाखा प्रबंधक
- जगदीश प्रसाद: सहायक लेखापाल
- ताबरक अली: लिपिक
- लक्ष्मण देवांगन: संस्था प्रबंधक
- राजेंद्र प्रसाद पांडेय: मुख्य पर्यवेक्षक
- सुदेश यादव: समिति प्रबंधक
- प्रकाश कुमार सिंह: कंप्यूटर ऑपरेटर
- राजेंद्र गुप्ता: प्रभारी अतिरिक्त प्रबंधक
जांच और कार्रवाई:
- सरगुजा कलेक्टर विलास भोस्कर ने उच्च-स्तरीय जांच टीम का गठन किया।
- पुलिस ने 12 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की और 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
- जांच में पता चला कि फर्जी खातों के माध्यम से किसानों के पैसे का गबन किया गया था।
- प्रशासन इस मामले की तह तक जाने और सभी दोषियों को सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।







