रायपुर। स्वास्थ्य विभाग ने औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत तीन औषधि निरीक्षकों को उनके क्षेत्राधिकार में दवाओं तथा प्रसाधन सामग्रियों के निर्माण, बिक्री और वितरण की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी है।
विभाग की ओर से जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, राज्यपाल के प्राधिकार की अधिसूचना का अंग्रेजी अनुवाद भी प्रकाशित हुआ है। राज्य सरकार ने प्रदेश में औषधियों की गुणवत्ता तथा वैधानिक मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के मुख्य उद्देश्य से यह आदेश जारी किया है।
औषधि एवं प्रसाधन सामग्री कानून के प्रावधानों के अंतर्गत अधिकारियों की यह भूमिका आम नागरिकों के स्वास्थ्य और उपचार से सीधे तौर पर जुड़ती है। स्वास्थ्य विभाग के आदेश में स्पष्ट उल्लेख है कि दवाओं के निर्माण से लेकर उनकी बिक्री और वितरण तक निर्धारित नियमों का अनुपालन बेहद अनिवार्य है। यह व्यवस्था संबंधित व्यापारिक प्रतिष्ठानों द्वारा वैधानिक मानकों के पालन पर निगरानी रखने में मदद करेगी। आदेश जारी होने के बाद संबंधित अधिकारी कानून के तहत अपने-अपने निर्धारित दायित्वों का नियमित निर्वहन करेंगे।







