बेमेतरा जिले के नवागढ़ ब्लॉक में स्थित प्रसिद्ध गिधवा-परसदा पक्षी विहार में सर्दियां शुरू होते ही विदेशी प्रवासी पक्षियों का आगमन काफी तेज हो गया है। गिधवा जलाशय में मैलार्ड बत्तख का जोड़ा दिखाई देने के बाद अब साइबेरिया से हजारों किलोमीटर की दूरी तय करके पहुंची छोटी चिड़िया साइबेरियन स्टोनचैट (काला पिद्दा) भी नजर आई है।
पक्षी विशेषज्ञों के अनुसार, लगभग सभी प्रवासी पक्षी अब इस पक्षी विहार में पहुंच चुके हैं। इस वजह से पूरे क्षेत्र के पक्षी प्रेमियों और बर्ड वॉचर्स के बीच काफी उत्साह देखा जा रहा है।
स्थानीय बर्ड गाइडों के अनुसार, साइबेरियन स्टोनचैट अक्सर बिजली के तारों, पेड़ों की डालियों और झाड़ियों की ऊंची जगहों पर बैठती है। वहां बैठकर यह उड़ने वाले कीड़ों को पकड़ती है और कीड़ा शिकार करने के बाद फिर से उसी स्थान पर आकर बैठ जाती है। फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों को खाकर यह चिड़िया प्राकृतिक रूप से उनके नियंत्रण में महत्वपूर्ण मदद प्रदान करती है।
गिधवा जलाशय में पर्याप्त जलभराव और शांत प्राकृतिक वातावरण हर साल इन विदेशी प्रवासी पक्षियों को आकर्षित करता है। इस जलाशय में दुर्लभ प्रजातियों की मौजूदगी इस क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। स्थानीय निवासियों और पक्षी प्रेमियों ने मांग की है कि गिधवा-परसदा को औपचारिक रूप से पक्षी अभयारण्य घोषित किया जाए। उनका कहना है कि पक्षी अभयारण्य का दर्जा देकर यहां संरक्षण और पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जाना चाहिए, जिससे पूरे क्षेत्र को एक नई पहचान मिल सकेगी।







