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कोरबा • छत्तीसगढ़

संप्रेक्षण गृह से फरारी के बाद मंदिर की दानपेटी पर किया हाथ साफ, 61 हजार चोरी करने का खुलासा

रकम से खरीदा मोबाइल और खाने-पीने में उड़ाए पैसे

कोरबा। बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताकर फरार हुआ अपचारी बालक एक बार फिर चोरी के मामले में पुलिस के हाथ लग गया। संप्रेक्षण गृह से निकलने के बाद उसने पोड़ीबहार स्थित एक मंदिर की दानपेटी से 61 हजार रुपये चोरी कर लिया। चोरी की रकम से मोबाइल खरीदा और बाकी पैसे खाने-पीने में खर्च कर दिए। गिरफ्तारी के बाद उसने संप्रेक्षण गृह के कुछ कर्मचारियों पर मादक द्रव्य पदार्थ का सेवन करने और मारपीट जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले ने संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा और वहां के माहौल को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, सिविल लाइन थाना क्षेत्र में चोरी के एक मामले में कार्यवाही के बाद पोड़ीबहार निवासी अपचारी बालक को 27 सितंबर को कोहडिय़ा स्थित बाल संप्रेक्षण गृह में दाखिल कराया गया था। करीब 20 दिन बाद वह चैनल गेट खोलकर वहां से फरार हो गया। उसके फरार होने की सूचना प्रबंधन ने सीएसईबी पुलिस को दी थी। इसके बाद पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी।

इसी बीच सिविल लाइन थाना क्षेत्र के पोड़ीबहार स्थित एक मंदिर की दानपेटी चोरी होने का मामला सामने आया। पुलिस ने जांच के दौरान अपचारी बालक को पकड़ लिया। पूछताछ में उसकी पहचान संप्रेक्षण गृह से फरार बालक के रूप में हुई। उसने दानपेटी से 61 हजार रुपये चोरी करने की बात बताई। पुलिस ने उसके पास से 1,100 रुपये नकद बरामद किए हैं।

फरारी की वजह बताकर लगाए गंभीर आरोप

पूछताछ के दौरान जब पुलिस ने संप्रेक्षण गृह से भागने की वजह जाननी चाही तो अपचारी बालक ने वहां के कुछ कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए। उसके मुताबिक, संप्रेक्षण गृह में कुछ कर्मचारी शराब पीते हैं और डंडे से मारपीट करते हैं। उसने दावा किया कि इस व्यवहार से परेशान होकर उसने वहां से भागने की योजना बनाई थी। परिजनों की ओर से जमानत के लिए पहल नहीं होने से भी वह परेशान था। मौका मिलते ही वह नगर सैनिक और कर्मचारियों को चकमा देकर फरार हो गया। संप्रेक्षण गृह में कर्मचारियों पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि होना अभी बाकी है।

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