धमतरी। करीब दो साल पुराने आत्महत्या के मामले में धमतरी अदालत ने मृतक की पत्नी, सास-ससुर और दो सालियों समेत पांच आरोपियों को दोषी ठहराया है। कोर्ट ने सभी को पांच-पांच साल के सश्रम कारावास और 500-500 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। मामला युवक की आत्महत्या से पहले सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए संदेश और ससुराल पक्ष पर लगाए गए प्रताड़ना के आरोपों से जुड़ा है।
मामला धमतरी के अर्जुनी थाना क्षेत्र के ग्राम पोटियाडीह का है। यहां 6-7 दिसंबर 2024 की रात नीलेश साहू ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना से पहले उसने अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर एक संदेश पोस्ट किया था, जिसमें पत्नी और ससुराल पक्ष पर मानसिक प्रताड़ना तथा ईसाई धर्म अपनाने के लिए दबाव बनाने के आरोप लगाए गए थे। मृतक ने अपने संदेश में लिखा था कि वह पत्नी से परेशान है और उस पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उसने यह भी आरोप लगाया था कि ससुराल जाने पर उसकी सास और सालियां भी उस पर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाती थीं।
अभियोजन पक्ष के अनुसार नीलेश साहू की शादी रायपुर निवासी करुणा साहू से हुई थी। शादी के बाद करीब एक साल तक दोनों का वैवाहिक जीवन सामान्य रहा और उनके एक बच्चा भी हुआ। इसके बाद दंपती के बीच विवाद होने लगा। मामले में आरोप लगाया गया कि पत्नी और ससुराल पक्ष नीलेश पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाते थे और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे।
नीलेश की मौत के बाद अर्जुनी पुलिस ने उसकी पत्नी करुणा साहू (27), सास गौरी साहू (48), ससुर राजकुमार साहू (54), बड़ी साली किरण साहू (31) और छोटी साली कनिष्का साहू (19) को गिरफ्तार किया था। सभी आरोपी रायपुर के निवासी बताए गए हैं।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान और व्हाट्सएप स्टेटस सहित अन्य साक्ष्य पेश किए। लोक अभियोजक गीतेश प्रजापति के अनुसार अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पांचों आरोपियों को दोषी ठहराया। अदालत ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 के तहत प्रत्येक दोषी को पांच साल के सश्रम कारावास और 500 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
यह फैसला आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में आया है। मामले में धर्म परिवर्तन के दबाव और मानसिक प्रताड़ना से जुड़े आरोप भी सामने आए थे। धमतरी कोर्ट का यह फैसला समाज में धर्मांतरण के नाम पर प्रताड़ित करने वाले तत्वों के लिए एक कड़ा और बड़ा सबक है।







