कवर्धा शहर के बीचोंबीच स्थित स्नेहा हॉस्पिटल के महिला शौचालय में तेंदुआ घुसने से हड़कंप मच गया। तेंदुए के हमले में एक महिला जख्मी हो गई। सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और अस्पताल परिसर को सुरक्षा घेरे में लेकर लोगों की आवाजाही रोक दी। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद तेंदुए का सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सका। उपचार और स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे भोरमदेव अभयारण्य में छोड़ दिया गया।
घटना की सूचना पर वन मंडल अधिकारी निखिल अग्रवाल के नेतृत्व में टीम तत्काल अस्पताल पहुंची। अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर परिसर में तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि हुई। इस दौरान तेंदुए के हमले में घायल महिला का उपचार कराया गया। वन विभाग के अनुसार, नियमानुसार महिला को मुआवजा दिया जाएगा। तेंदुए की खबर फैलते ही अस्पताल के आसपास लोगों की भीड़ जमा होने लगी। वन विभाग और पुलिस ने लोगों को मौके से दूर रखा और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की समझाइश दी। तेंदुए को बिना नुकसान पहुंचाए पकड़ने के लिए बिलासपुर से विशेषज्ञों और पशु चिकित्सकों की टीम बुलाई गई।
2:55 बजे डार्ट लगते ही काबू में आया तेंदुआ : विशेषज्ञों ने अस्पताल की स्थिति और तेंदुए की गतिविधियों का आकलन करने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। दोपहर करीब 2:55 बजे ट्रैंक्विलाइजर डार्ट से तेंदुए को बेहोश किया गया। इसके बाद उसे सावधानी से सुरक्षित पिंजरे में रखकर लालपुर नर्सरी ले जाया गया। रेस्क्यू किया गया तेंदुआ नर है और उसकी उम्र करीब 6 वर्ष बताई गई है।
लालपुर में स्वास्थ्य जांच, शाम 6 बजे भोरमदेव में छोड़ा
लालपुर नर्सरी में पशु चिकित्सकों ने तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण किया और आवश्यक उपचार दिया। इसके बाद उसे भोरमदेव अभयारण्य में सुरक्षित छोड़ दिया गया। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वन्यजीव दिखाई देने पर उसके पास जाने या भीड़ लगाने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना दें।







