1,410 करोड़ में हुआ अधिग्रहण
कोरबा । कोरबा में ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ा बड़ा कारोबारी बदलाव सामने आया है। JSW Energy ने मारुति क्लीन कोल एंड पावर लिमिटेड (MCCPL) का 100 प्रतिशत अधिग्रहण पूरा कर लिया है। इसके बाद कोरबा स्थित 300 मेगावाट क्षमता वाले कोयला आधारित ताप विद्युत संयंत्र का नियंत्रण JSW Energy के पास आ गया है। इससे छत्तीसगढ़ के प्रमुख औद्योगिक शहर कोरबा में JSW Energy की मौजूदगी और मजबूत हुई है।
मारुति क्लीन कोल एंड पावर लिमिटेड पहले ACB India समूह से जुड़ी कंपनी थी। JSW Energy ने 7 अगस्त 2026 को कंपनी में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने की प्रक्रिया पूरी होने की घोषणा की थी। इस सौदे के बाद MCCPL अब JSW Energy की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी बन चुकी है। अधिग्रहण के लिए कंपनी का उद्यम मूल्य करीब 1,410 करोड़ रुपये बताया गया है।
ACB India से JSW Energy तक पहुंचा पावर प्लांट का नियंत्रण
MCCPL का कोयला आधारित पावर प्लांट कोरबा में स्थित है और इसकी स्थापित क्षमता 300 MW है। अधिग्रहण के बाद अब प्लांट का संचालन और प्रबंधन JSW Energy समूह के अधीन आ गया है। कोरबा पहले से ही कोयला उत्पादन और बिजली निर्माण के लिए देश के महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्रों में शामिल है। ऐसे में एक बड़े ऊर्जा समूह के इस विस्तार को क्षेत्र के औद्योगिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
SECL से मिलता है पावर प्लांट को कोयला
प्लांट के संचालन में ईंधन आपूर्ति भी अहम भूमिका निभाती है। कंपनी की जानकारी के अनुसार MCCPL को South Eastern Coalfields Limited (SECL) के साथ दीर्घकालिक ईंधन आपूर्ति समझौते और शक्ति योजना के तहत कोयला लिंक के जरिए कोयला उपलब्ध होता है। इससे संयंत्र की ईंधन जरूरतों के लिए निर्धारित आपूर्ति व्यवस्था बनी हुई है।
राजस्थान की बिजली कंपनियों से है लंबा करार
MCCPL के संयंत्र से उत्पादित बिजली का एक बड़ा हिस्सा पहले से तय समझौतों के तहत बेचा जाता है। संयंत्र की 195 MW नेट क्षमता के लिए राजस्थान की बिजली वितरण कंपनियों के साथ दीर्घकालिक Power Purchase Agreement (PPA) मौजूद है। इसकी शेष अवधि करीब 14 वर्ष बताई गई है।
इसके अलावा संयंत्र की करीब 5 प्रतिशत बिजली छत्तीसगढ़ की बिजली वितरण कंपनी को परिवर्तनीय लागत के आधार पर दी जाती है। लगभग 64 MW बिजली खुले बाजार में बेचने की व्यवस्था भी बताई गई है।
JSW Energy के लिए क्यों अहम है कोरबा का प्लांट?
MCCPL का अधिग्रहण JSW Energy के छत्तीसगढ़ में विस्तार की रणनीति के लिहाज से अहम है। कंपनी के मुताबिक कोरबा स्थित यह संयंत्र उसके महानदी क्षेत्र के ताप विद्युत संयंत्र के नजदीक है। भौगोलिक निकटता के कारण संचालन, रखरखाव और बिजली व कोयला परिवहन से जुड़ी व्यवस्थाओं में तालमेल की संभावनाएं बन सकती हैं।
15 हजार MW के पार पहुंची JSW Energy की क्षमता
MCCPL के अधिग्रहण के साथ JSW Energy अपने कुल ऊर्जा पोर्टफोलियो का विस्तार कर रही है। कंपनी के अनुसार वित्त वर्ष 2026-27 में अब तक 1,572 MW नई उत्पादन क्षमता जोड़ी गई है। इसके साथ कंपनी की परिचालन उत्पादन क्षमता करीब 15,025 MW हो गई है।
इस कुल क्षमता में लगभग 9,067 MW अक्षय ऊर्जा और 5,958 MW ताप विद्युत क्षमता शामिल है। कंपनी के अक्षय ऊर्जा पोर्टफोलियो में सौर, पवन, हाइब्रिड और जल विद्युत परियोजनाएं शामिल हैं। JSW Energy ने 2030 तक 30,000 MW उत्पादन क्षमता और 40 GWh ऊर्जा भंडारण क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है।







