नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पालम इलाके से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली के पालम थाना क्षेत्र के साध नगर में बुधवार सुबह एक चार मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई। इस आग में करीब 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। मृतकों में तीन छोटे बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं।
हादसे के समय इमारत के अंदर करीब 18 लोग मौजूद थे, जिनमें से कई लोग आग और धुएं के कारण अंदर फंस गए। आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। मौके पर पहुंची दमकल विभाग की टीमों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
कॉस्मेटिक दुकान से शुरू हुई आग : प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आग की शुरुआत इमारत के भूतल पर स्थित कॉस्मेटिक और कपड़ों की दुकानों से हुई। बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर पर ब्यूटी पार्लर, चूड़ी की दुकान और कॉस्मेटिक का शोरूम संचालित होता था। आग लगने के बाद कुछ ही मिनटों में लपटें तेजी से ऊपरी मंजिलों तक फैल गईं। ऊपर के फ्लोर पर रहने वाले परिवार के लोग धुएं और आग की चपेट में आ गए। बताया जा रहा है कि आग लगने के समय अधिकांश लोग गहरी नींद में थे, इसलिए उन्हें बाहर निकलने का समय भी नहीं मिल सका।
जानकारी के अनुसार, यह चार मंजिला इमारत राजेंद्र कश्यप की बताई जा रही है। वे स्थानीय मार्केट के प्रधान भी बताए जाते हैं। इमारत के निचले हिस्से में दुकानें और व्यवसाय चलते थे, जबकि ऊपर की मंजिलों पर उनके परिवार के सदस्य रहते थे।
बताया जा रहा है कि, इस परिवार के करीब 15 से 18 लोग इमारत में रहते थे। हादसे के समय कई लोग अंदर फंस गए। आग और धुएं के कारण बचाव कार्य बेहद मुश्किल हो गया था।
बच्चों को नीचे फेंककर बचाई जान : आग के दौरान परिवार के लोगों ने जान बचाने के लिए हर संभव कोशिश की। बताया जा रहा है कि, जब धुआं तेजी से फैलने लगा तो राजेंद्र कश्यप के बेटे प्रवेश ने दो छोटे बच्चों को बचाने के लिए पहली मंजिल से नीचे फेंक दिया। नीचे मौजूद लोगों ने तुरंत बच्चों को पकड़ लिया और उन्हें अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, इस दौरान एक छोटी बच्ची के हाथ में फ्रैक्चर हो गया, जबकि एक बच्चा झुलस गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एक अन्य बच्चा नीचे गिरते समय घायल भी हुआ।
बचने के लिए बालकनी से मदद की गुहार : घटना के समय इमारत में फंसे लोग बालकनी में आकर मदद के लिए चिल्ला रहे थे। चश्मदीदों के मुताबिक, करीब 6 से 7 लोग बालकनी में दिखाई दे रहे थे, लेकिन धुआं इतना ज्यादा था कि उन्हें वहां से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा था। स्थानीय लोगों ने पड़ोस की बिल्डिंग से दीवार तोड़कर अंदर जाने की कोशिश भी की, लेकिन आग और धुएं की वजह से अंदर प्रवेश करना संभव नहीं हो पाया।
दमकल की 30 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं : आग लगने की सूचना सुबह करीब 7 बजे दमकल विभाग को मिली। इसके बाद दमकल की करीब 30 गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। दमकलकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान कई लोगों को झुलसी हालत में बाहर निकाला गया और उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
दमकल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि, आग बुझाने के साथ-साथ इमारत में सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन भी चलाया गया, ताकि अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।







