Sheetala Saptami 2026: आज शीतला सप्तमी मनाई जा रही है। शीतला सप्तमी को बसोड़ा पूजा, बासौड़ा, बूढ़ा बसौड़ा या बसियौरा नामों से भी जाना जाता है। इस दिन व्रत रखकर माता शीतला की पूजा करने से व्यक्ति को सुख-समृद्धि और निरोगी काया का आशीर्वाद प्राप्त होता है। शीतला सप्तमी के दिन शीतला माता को बासी भोजन का भोग लगाया जाता है। माना जाता है कि शीतला माता को ठंडी चीजें अति प्रिय है। शीतला सप्तमी का प्रसाद एक दिन पहले ही बनाकर रख लिया जाता है। शीतला सप्तमी के दिन चूल्हा जलाना या खाना पकाने की मनाही होती है।
शीतला सप्तमी महत्व : आज के दिन माताएं अपने बच्चों और परिवार के अच्छे स्वास्थ्य के लिए शीतला माता के निमित्त व्रत रखती हैं। आरोग्य, स्वास्थ्य और शीतलता की देवी माना जाता है। शीतला माता की उपासना करने से चेचक, खसरा, फोड़े-फुंसी और त्वचा संबंधी रोगों से मुक्ति मिलती है। शीतला सप्तमी के दिन शीतला माता की आरती जरूर करें। साथ ही शीतला माता के मंत्रों का भी जाप करें।
॥ श्री शीतला माता की आरती ॥
जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता।
आदि ज्योति महारानीसब फल की दाता॥
ॐ जय शीतला माता।
रतन सिंहासन शोभित,श्वेत छत्र भाता।
ऋद्धि-सिद्धि चँवर डोलावें,जगमग छवि छाता॥
ॐ जय शीतला माता।
विष्णु सेवत ठाढ़े,सेवें शिव धाता।
वेद पुराण वरणतपार नहीं पाता॥
ॐ जय शीतला माता।
इन्द्र मृदङ्ग बजावतचन्द्र वीणा हाथा।
सूरज ताल बजावैनारद मुनि गाता॥
ॐ जय शीतला माता।
घण्टा शङ्ख शहनाईबाजै मन भाता।
करै भक्त जन आरतीलखि लखि हर्षाता॥
ॐ जय शीतला माता।
ब्रह्म रूप वरदानीतुही तीन काल ज्ञाता।
भक्तन को सुख देतीमातु पिता भ्राता॥
ॐ जय शीतला माता।
जो जन ध्यान लगावेप्रेम शक्ति पाता।
सकल मनोरथ पावेभवनिधि तर जाता॥
ॐ जय शीतला माता।
रोगों से जो पीड़ित कोईशरण तेरी आता।
कोढ़ी पावे निर्मल कायाअन्ध नेत्र पाता॥
ॐ जय शीतला माता।
बांझ पुत्र को पावेदारिद्र कट जाता।
ताको भजै जो नाहींसिर धुनि पछताता॥
ॐ जय शीतला माता।
शीतल करती जन कीतू ही है जग त्राता।
उत्पत्ति बाला बिनाशनतू सब की माता॥
ॐ जय शीतला माता।
दास नारायणकर जोरी माता।
भक्ति आपनी दीजैऔर न कुछ माता॥
ॐ जय शीतला माता।
शीतला माता मंत्र
- ॐ ह्रीं श्रीं शीतलायै नमः
- ॐ शीतलायै नमः
- ॐ शीतलां शान्ति रूपिणीं तुष्टां सर्व सुख प्रदाम्। शरण्यां सर्व पापघ्नीं नित्या पूज्यां दयामयीं।
- शीतले त्वं जगन्माता शीतले त्वं जगत्पिता। शीतले त्वं जगद्धात्री शीतलायै नमो नमः॥
- वन्देऽहंशीतलांदेवीं रासभस्थांदिगम्बराम्। मार्जनीकलशोपेतां सूर्पालंकृतमस्तकाम्।।
डिस्क्लेमर : उक्त लेख धार्मिक आस्था व लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए Today Studio उत्तरदायी नहीं है।







