रायपुर। रायपुर कमिश्नरेट के पहले पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कार्यभार संभालते ही पुलिस महकमे को स्पष्ट संदेश दे दिया है कि अब शहर में कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं होगा। सोमवार को उन्होंने सिविल लाइन स्थित सी-4 भवन में सभी वरिष्ठ और मैदानी अधिकारियों के साथ पहली समीक्षा बैठक की। इस बैठक में अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर से लेकर सभी डिप्टी कमिश्नर, एसीपी और थाना प्रभारी मौजूद रहे। डॉ. शुक्ला ने अधिकारियों से परिचय लेते हुए रायपुर पुलिस की प्राथमिकताएं और काम करने का तरीका साफ तौर पर बताया।
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि आम लोगों को हर समय पुलिस की मौजूदगी महसूस होनी चाहिए। इसके लिए उन्होंने सड़कों पर पैदल पेट्रोलिंग बढ़ाने, रात में गश्त मजबूत करने और विजिबल पुलिसिंग पर खास ध्यान देने के निर्देश दिए। उनका साफ कहना था कि पुलिस का काम सिर्फ अपराध के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि अपराध होने से पहले ही उसे रोकना है। बैठक में चाकूबाजी, नशाखोरी और अड्डेबाजी को लेकर कड़ा रुख अपनाने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही गुंडा बदमाशों और निगरानी सूची में शामिल अपराधियों पर लगातार नजर रखने को कहा गया। पुलिस कमिश्नर ने साफ किया कि बिना अनुमति किसी भी तरह की रैली, जुलूस, धरना या सामूहिक कार्यक्रम की इजाजत नहीं दी जाएगी। वहीं देर रात तक खुलने वाले बार, कैफे और रेस्टोरेंट को तय समय पर बंद कराने के निर्देश भी दिए गए।
डॉ. संजीव शुक्ला ने अधिकारियों से कहा कि पुलिस में अनुशासन और जिम्मेदारी सबसे जरूरी है। हर अधिकारी को सक्रिय रहकर काम करना होगा ताकि जनता का भरोसा पुलिस पर बना रहे। डॉ. शुक्ला ने जिला विशेष शाखा की भी अलग से समीक्षा की और कहा कि शहर की सुरक्षा के लिए खुफिया सूचना तंत्र को और मजबूत किया जाए। इसके बाद पुलिस कमिश्नर ने साइबर अपराध शाखा की अलग से बैठक ली। उन्होंने बढ़ते साइबर अपराधों पर चिंता जताते हुए पीड़ितों को तुरंत मदद देने और सिर्फ छोटे मामलों तक सीमित न रहकर बड़े आरोपियों तक पहुंचने के निर्देश दिए।







