रायपुर। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने राज्य का 2026-27 का बजट पेश किया। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,72,000 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट पेश किया है। इस दौरान उन्होंने कई बड़ी घोषणाएं कीं। वित्त मंत्री ने रानी दुर्गावती योजना का भी एलान किया। इस योजना के तहत बच्चियों के 18 साल पूरे होने पर डेढ़ लाख रुपये की राशि दी जाएगी।
वित्त मंत्री ने प्रदेश के औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए बड़ा ऐलान किया है। औद्योगिक विकास के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ में आत्मनिर्भरता व समृद्धि का नया दौर शुरू होगा।
बस्तर और सरगुजा के विकास हेतु वित्त मंत्री ने की कई महत्वपूर्ण घोषणाएं : वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बस्तर और सरगुजा क्षेत्रों के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधानों की घोषणा की है। इन प्रावधानों का उद्देश्य इन क्षेत्रों में आजीविका के अवसर बढ़ाना और बुनियादी ढांचे का विकास करना है। इस बजट में विभिन्न विकास कार्यों के लिए बड़ी राशि आवंटित की गई है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और रोजगार सृजित होंगे।
वित्त मंत्री ने बताया कि बस्तर और सरगुजा में आजीविका के लिए 100 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। यह निवेश अलाइड, कृषि और एग्रो फॉरेस्ट प्रोसेसिंग जैसे रोजगार आधारित सेक्टरों पर केंद्रित होगा। इसमें राइस मिल और पोल्ट्री फार्म जैसे उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। इन उद्योगों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। बस्तर और सरगुजा के बीच बस सेवा को बेहतर बनाने के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह राशि इन क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन सुविधा को सुगम बनाने में मदद करेगी। इसके अतिरिक्त, निवेशकों को अनुदान देने के लिए भी 100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यह पहल इन क्षेत्रों में नए निवेश को आकर्षित करने और औद्योगिक विकास को प्रोत्साहन देने के लिए है, जिससे समग्र आर्थिक वृद्धि होगी।
स्वास्थ्य और सड़क संपर्क में सुधार : बस्तर और सरगुजा क्षेत्रों में डॉक्टरों की भर्ती की जाएगी। इस कदम से इन दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार होगा और लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी। वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि बस्तर और सरगुजा को सड़क नेटवर्क कनेक्टिविटी से जोड़ने का प्रावधान किया जाएगा। यह पहल इन क्षेत्रों को राज्य के अन्य हिस्सों से बेहतर तरीके से जोड़ेगी, जिससे आवागमन आसान होगा और व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी।







