रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष रमन सिंह ने अपने जिदंगी के सबसे कठिन चुनाव का खुलासा किया है। रमन सिंह ने कहा कि मेरी जिंदगी से सबसे टफ चुनाव पार्षद का था। उन्होंने कहा कि जब भी मैं अपने सबसे कठिन चुनाव के बारे में सोचता हूं तो मुझे पार्षद का चुनाव याद आता है।
रमन सिंह रविवार को रायपुर के नवनिर्वाचित पार्षदों को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि कोई भी पार्षद अपने वार्ड में पानी का फव्वारा नहीं लगवाए। फव्वारा लगवाने से बचें। रमन सिंह ने कहा कि मैं एक सुझाव दूंगा कि आप पार्षद बनिए लेकिन ठेकेदार मत बनिए। जब मैं पार्षद था अगर मैं उस समय से ठेकेदारी शुरू करता तो आज वन क्लास का ठेकेदार होता। लेकिन बीते 45 सालों से जनता से जो प्यार और सम्मान मिल रहा है यह नहीं मिलता।
इस दौरान रमन सिंह ने कहा कि मैंने अपने जीवन में कई चुनाव लड़े। 7 बार विधायक का चुनाव जीता, लोकसभा का सांसद रहा, केंद्र में मंत्री रहा, सीएम भी बना और आज विधानसभा का अध्यक्ष हूं, लेकिन मेरे जीवन का सबसे कठिन चुनाव जब भी मैं याद करता हूं, तो वो पार्षद का चुनाव रहा है। जब मैं पार्षद का चुनाव लड़ा था वह मेरे जीवन का सबसे कठिन चुनाव था।
रमन सिंह ने कहा मेरा मानना है जो पार्षद बन गया, वो सब कुछ बन सकता है। उन्होंने अपना और पूर्व सांसद रमेश बैस का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा- पार्षद से रमेश बैस सांसद और फिर राज्यपाल बने। मैं पार्षद से केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष बना। तो आप सभी का भविष्य भी बहुत अच्छा है।
फव्वारा कभी नहीं लगवाएं- रमन सिंह ने सभी पार्षदों से कहा कि एक काम जरूर करना कभी फव्वारा नहीं लगवाना। उन्होंने कहा कि फव्वारा लगाने में करोड़ों रुपये खर्च कर दिए जाते हैं और फव्वारा 6 दिन से ज्यादा नहीं चलता है। इसलिए अपने वार्ड और शहर में एक रुपए भी फव्वारे में मत लगाइएगा। इसे लगवाने में केवल पैसा बर्बाद हो जाता है।







