मध्यप्रदेश/श्योपुर। भारत में चीता आबादी बढ़ाने की योजना के तहत दिसंबर 2022 में नामीबिया से लाए गए 8 चीतों में से एक की मौत हो गई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जिस मादा चीता (साशा) की मौत हुई है वह 4 साल की थी और किडनी संक्रमण से ग्रसित थी। साशा को भारत लाए जाने से पहले ही किडनी में संक्रमण था और उसका ईलाज एक्सपर्ट टीम के द्वारा किया जा रहा था।
वर्ष 2022 में नामीबिया से मध्यप्रदेश के कुनो नेशनल पार्क में 8 चीतों को लाया गया था। इसमें से मादा चीता साशा को किडनी में संक्रमण था और इसका इलाज चल रहा था। वन विभाग ने इमरजेंसी मेडिकल रिस्पॉन्स टीम को कूनो भेजा था। शुरूआती लक्षणों में डिहाइड्रेशन और किडनी की बीमारी का पता चला था, वहीं साशा को बचाने के लिए वन विहार नेशनल पार्क से डॉ. अतुल गुप्ता को भी भेजा गया था।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में मादा साशा का ईलाज किया जा रहा था, स्वास्थ्य सुधार के लिए उसे फ्लुइड चढ़ाया था, जिससे उसकी तबीयत में सुधार भी आया था। किडनी में इन्फेक्शन के कारण उसकी मौत हो गई। वहीं एक्सपर्ट का कहना है कि चीतों में किडनी की बीमारी होना सामान्य बात है। वह पहले से बीमार थी और उसे बचाने के लिए पूरी कोशिश की गई। नामीबिया से एक्सपर्ट भी हमारी मदद कर रहे थे। नामीबिया से साशा की ट्रीटमेंट हिस्ट्री भी मंगाई गई थी। इसमें यह बात सामने आई थी कि 15 अगस्त 2022 को किए गए अंतिम खून के नमूने की जांच में क्रियेटिनिन का स्तर 400 से अधिक पाया गया था। इससे पुष्टि भी होती है कि साशा को भारत लाए जाने से पहले ही किडनी की बीमारी थी।
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