उज्जैन। उज्जैन के महाकाल मंदिर में देर रात अचानक NSG कमांडो, STF और पुलिस की गतिविधियां बढ़ गईं। दरअसल यह किसी खतरे की चेतावनी नहीं, बल्कि मंदिर की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए किया गया हाई-लेवल मॉक ड्रिल था, जिसमें करीब 150 जवान शामिल हुए।
इस अभ्यास का उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों, सुरक्षा बलों की तत्परता और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय को परखना था। इससे पहले भी महाकाल मंदिर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में उच्चस्तरीय सुरक्षा मॉक ड्रिल की जा चुकी हैं।
इसके बाद कमांडो ने महाकाल लोक के मानसरोवर क्षेत्र से लेकर त्रिनेत्र कंट्रोल रूम के बीच अलग-अलग रणनीतिक स्थानों पर मोर्चा संभाला। इस दौरान संभावित आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का सजीव अभ्यास किया गया।
एडिशनल एसपी आलोक शर्मा ने बताया कि मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा बलों की तत्परता, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच आपसी तालमेल को परखना था। आपातकालीन सुरक्षा प्रोटोकॉल की प्रभावशीलता का आकलन करने के लिए कमांडो ने वास्तविक आपात स्थिति जैसी परिस्थितियों में अभ्यास किया।







