कोरबा। कटघोरा वनमंडल के मुढ़ाली गांव में एक दुर्लभ एशियन पाम सिविट (Asian palm civet) और उसके पांच बच्चों को वन विभाग और नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी की संयुक्त टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू किया। सिवेट मां अपने बच्चों के साथ गांव के एक घर की धान की कोठी में रह रही थी।
घर के मालिक केशव जायसवाल ने वन विभाग को सूचना दी कि सिविट मां बच्चों को छोड़कर जाने को तैयार नहीं थी। कटघोरा वनमंडलाधिकारी कुमार निशांत के निर्देश और उप वनमंडलाधिकारी चंद्रकांत के मार्गदर्शन में रेंजर अशोक मान्यवर, डिप्टी सुखदेव सिंह मरकाम, महेंद्र देवेंगन, और नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष एम. सूरज, जितेंद्र सारथी, मयंक बागची व बबलू मारुवा की टीम ने संवेदनशीलता के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा किया।
टीम ने सावधानीपूर्वक सिविट मां और बच्चों को बिना किसी तनाव या हानि के पकड़ा और उन्हें निकटवर्ती सुरक्षित वन क्षेत्र में उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया। यह रेस्क्यू ऑपरेशन वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने में एक उल्लेखनीय उदाहरण है। स्थानीय ग्रामीणों, पर्यावरण प्रेमियों और वन्यजीव संरक्षण संगठनों ने वन विभाग और नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी के इस समन्वित प्रयास की सराहना की है। यह पहल जैव विविधता संरक्षण के लिए प्रेरणादायक है।
0 पाम सिविट को हिन्दी में क्या कहते हैं?
एशियन ताड़ कस्तूरी बिलाव (एशियन पाम सिविट) कस्तूरी बिलावों की एक जीवविज्ञानी जाति है, जो भारत, नेपाल, बांग्लादेश, भूटान और दक्षिण पूर्व एशिया में स्थित है। अक्सर बिल्ली के साथ भ्रमित होने वाली यह निशाचर प्रजाति वन पारिस्थितिकी तंत्र के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह बीजों को फैलाने में मदद करती है और जैव विविधता का समर्थन करती है।







