कोरबा/उरगा। थाना उरगा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से पशुओं का परिवहन कर उन्हें वध हेतु ले जाए जाने के मामले चार आरोपी को गिरफ्तार किया है। वहीं तीन आरोपी फरार हैं, जिसकी तलाश की जा रही है।
दरअसल 29 अक्टूबर को मुखबीर से पुलिस को पशु तस्करी मामले की जानकारी मिली थी। सूचना के आधार पर थाना उरगा पुलिस टीम द्वारा ग्राम सराईपाली पंचायत रिवापार में घेराबंदी कर दबिश दी गई, जहां एक सफेद रंग का पीकअप वाहन क्रमांक CG 29 A 4865 में 07 रास बैल अवैध रूप से परिवहन करते हुए पाया गया। वाहन चालक एवं उसके साथियों से पूछताछ पर पता चला कि ये लोग बैलों को जशपुर जिला से उत्तर प्रदेश की ओर बूचड़खाने में वध हेतु ले जा रहे थे। उक्त वाहन में रखे गए पशुओं के परिवहन संबंधी कोई वैध दस्तावेज अथवा अनुमति पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया। घटनास्थल पर वाहन चालक एवं साथियों को हिरासत में लेकर पशुओं को सुरक्षित किया गया तथा समक्ष गवाहों के उपस्थिति में बरामदगी पंचनामा तैयार किया गया।
गिरफ्तार आरोपी
1. सन बहाल राम यादव, पिता जंगु राम यादव, 36 वर्ष, निवासी काशाबेल मुड़ा टोली, थाना काशाबेल, जिला जशपुर (छ.ग.)
2. दिनेश राम, पिता बबलू राम, 35 वर्ष, निवासी कछुआकानी चौकी डोकड़ा, थाना काशाबेल, जिला जशपुर (छ.ग.)
3. मंगलू यादव, पिता उमेंद्र राम यादव, 32 वर्ष, निवासी उच्चभिठ्ठी, थाना चांपा, जिला जांजगीर-चांपा (छ.ग.)
4. खिक राम बघेल, पिता स्व. जनक राम बघेल, 35 वर्ष, निवासी जर्वे, थाना नगरदा, जिला सक्ती (छ.ग.)
(अन्य आरोपी – निर्मल बंजारे, दीपक कुर्रे एवं लक्ष्मण रात्रे उर्फ दूलू – फरार हैं जिनकी तलाश जारी है।)
जप्ती विवरण
1. सफेद रंग का पीकअप वाहन क्रमांक CG 29 A 4865, कीमती लगभग ₹4,00,000/-
2. 07 रास बैल, कीमती लगभग ₹3,50,000/-
3. काला रंग का बजाज प्लसर मोटरसाइकिल क्रमांक CG 28 Q 4661, कीमती लगभग ₹60,000/-
कुल जप्ती मूल्य लगभग ₹4,95,000/-
आरोपियों का कृत्य छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 एवं पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 (घ) के अंतर्गत दंडनीय पाए जाने पर अपराध पंजीबद्ध कर आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार किया गया है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है तथा प्रकरण की विवेचना जारी है।







