यूक्रेन ने रूस के क्रीमिया ब्रिज पर एक और निर्णायक हमला किया है, जिससे युद्ध के मोर्चे पर एक नई हलचल मच गई है। 3 जून को यूक्रेन की सुरक्षा सेवा (SBU) ने 1,100 किलोग्राम के अंडरवाटर विस्फोटक से इस महत्वपूर्ण पुल के नीचे के ढांचे को निशाना बनाया, जिससे उसके आधारभूत स्तंभों में गंभीर क्षति हुई है। यह हमला क्रीमिया और रूस के बीच 19 किलोमीटर लंबे इस पुल के लिए तीसरा बड़ा हमला है, जो पहले भी अक्टूबर 2022 और जुलाई 2023 में निशाना बन चुका है ।
क्रीमिया ब्रिज, जिसे केर्च ब्रिज भी कहा जाता है, रूस और क्रीमिया के बीच एकमात्र भूमि संपर्क मार्ग है। यह पुल रूस की सैन्य आपूर्ति की रीढ़ की हड्डी है, जो सैनिकों, हथियारों और रसद को क्रीमिया और दक्षिणी यूक्रेन में भेजने का प्रमुख मार्ग है। इसके अलावा, यह पुल रूस के लिए क्रीमिया को अपने क्षेत्र का हिस्सा बनाने का प्रतीक भी है। यूक्रेन इसे अवैध मानते हुए इसे बार-बार निशाना बना चुका है।
हमले की तकनीकी विशेषताएं- इस हमले में यूक्रेन ने अंडरवाटर विस्फोटक का उपयोग किया, जिससे पुल के नीचे के ढांचे को निशाना बनाया गया। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, इस हमले में यूक्रेन के “Marichka” नामक अंडरवाटर ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया, जो रूस की रडार प्रणाली से बचने के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है।
रूस की प्रतिक्रिया- रूस ने इस हमले के बाद पुल पर यातायात को अस्थायी रूप से निलंबित किया, लेकिन बाद में इसे फिर से खोल दिया. हालांकि, रूस ने इस हमले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन इसके बाद पुल के कुछ हिस्सों में मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है।
यूक्रेन की रणनीतिक दृष्टि- यूक्रेन का यह हमला रूस की सैन्य आपूर्ति लाइनों को बाधित करने और क्रीमिया में रूस की स्थिति को कमजोर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने पहले ही कह चुका है कि क्रीमिया ब्रिज एक वैध सैन्य लक्ष्य है, जिसे युद्ध के अंत तक नष्ट किया जाएगा।







