टोक्यो। जापान दौरे पर पीएम मोदी ने भारत-जापान आर्थिक फोरम में शिरकत की और कहा कि भारत औऱ जापान में सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। इससे पहले जापान दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। पीएम मोदी के आगमन पर जापान में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों में गजब का उत्साह दिखा।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और जापान एक स्वतंत्र, खुले, शांतिपूर्ण, समृद्ध और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। आतंकवाद और साइबर सुरक्षा को लेकर हमारी चिंताएं समान हैं। हमारे आपसी हित रक्षा और समुद्री सुरक्षा से जुड़े हैं। हमने तय किया है कि रक्षा उद्योग और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग को और मज़बूत किया जाएगा। मानव संसाधन आदान-प्रदान की कार्ययोजना के तहत अगले पांच वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में पांच लाख लोगों का आदान-प्रदान किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि भारत और जापान की साझेदारी आपसी विश्वास पर आधारित है। यह हमारी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को दर्शाती है और हमारे साझा मूल्यों और विश्वासों से आकार लेती है। हम सब मिलकर अपने लोगों और दुनिया के लिए शांति, प्रगति और समृद्धि का एक साझा सपना लेकर चलते हैं।
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमने अगले 10 वर्षों में जापान से भारत में 10 ट्रिलियन येन के निवेश का लक्ष्य रखा है। भारत और जापान के लघु एवं मध्यम उद्यमों और स्टार्टअप्स को जोड़ने पर विशेष जोर दिया जाएगा। भारत-जापान व्यापार मंच में भी मैंने जापानी कंपनियों से कहा था कि भारत में बनाओ, दुनिया के लिए बनाओ।
पीएम मोदी ने कहा कि आज हमारी चर्चा उपयोगी और उद्देश्यपूर्ण रही। हम इस बात पर सहमत हैं कि दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं और जीवंत लोकतंत्रों के रूप में हमारी साझेदारी न केवल दोनों देशों के लिए बल्कि वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए भी जरूरी है। मजबूत लोकतंत्र एक बेहतर दुनिया के निर्माण में स्वाभाविक साझेदार होते हैं।
आज हमने अपनी विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी में एक नए और सुनहरे अध्याय की नींव रखी है। हमने अगले दशक के लिए एक रोडमैप तैयार किया है। हमारे विजन के केंद्र में निवेश, नवाचार, आर्थिक सुरक्षा, पर्यावरण, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, गतिशीलता और लोगों के बीच आपसी संपर्क है।
जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा से वार्ता के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अगली पीढ़ी की चुनौतियों से निपटने के लिए हमें एक-दूसरे की ताकत का लाभ उठाने की जरूरत है। वहीं जापानी प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा ने कहा कि छह साल पहले अगस्त में मुझे वाराणसी आने का सौभाग्य मिला था। मैं अनादि काल के भारतीय इतिहास को देखकर अभिभूत था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापानी प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा ने समझौतों का आदान-प्रदान किया।







