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स्वास्थ्य

मुश्किल में पड़ सकती है बच्चे की सेफ्टी, इसलिए बरसात के बाद प्रेग्नेंट महिलाओं को रखना चाहिए खास ध्यान

बारिश के सीजन में पल-पल मौसम बदलता है। कभी तेज धूप तो कभी अचानक से बारिश शुरू हो जाती है। उमस भरी गर्मी से लोग परेशान हो जाते हैं, वहीं कुछ देर में झमाझम बारिश से मौसम में ठंडक घुल जाती है। बदलते मौसम में कई तरह के संक्रमण भी बढ़ने लगते है। ऐसे में स्वास्थ्य का खास ख्याल रखना होता है। खासकर गर्भवती महिलाओं को अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना जरूरी होता है।

सबसे जरूरी व ध्यान देने वाली बात ये है कि बदलते मौसम में गर्भवती महिलाओं के शरीर में पानी की कमी हो सकती है। साथ ही बदलते मौसम में अचानक से खानपान बदलने से भी ब्लड-प्रेशर, तेज सांस चलना, अनियमित हार्ट बीट, सिरदर्द के साथ शरीर का तापमान में भी बदलाव आ सकते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि बदलते मौसम में अगर यहां बताए गए कोई भी लक्षण दिखें तो तुरंत अपने डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं- जब मौसम बदल रहा होता है तो पानी पीने की इच्छा भी कम होने लगती है। ऐसे में प्रेग्नेंट महिलाओं को पानी पीने की मात्रा का विशेष रूप से ख्याल रखना होता है। सही मात्रा में पानी पीने से शरीर हाइड्रेट रहता है, जिससे कई तरह की बीमारियों को होने का खतरा कम हो जाता है।

डाइट का ख्याल रखें- गर्मी के बाद अचानक से जब मौमस हल्का ठंडा होने लगता है तो कई तरह के संक्रमण भी बढ़ने लगते हैं। जिस तरह से वायरल बुखार और फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं, ऐसे में गर्भवती महिलाओं को अपनी डाइट का विशेष ख्याल रखना चाहिए। विटामिन, मिनरल्स और पौष्टिक आहार लें। इसके साथ ही जूस, सूप को डाइट में शामिल करने के साथ डॉक्टर से कंसल्ट करें, उनके बताए गए परहेज या जो खाने के लिए बताया जाए वो जरूर खाएं।

ठंडे पानी से थोड़ा दूर रहें-  ठंड के मौसम में बदलाव के साथ सर्दी, गर्मी, जुकाम और बुखार जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। गर्भवती महिला का इम्यूनिटी कमजोर रहती है तो, खानपान के तापमान का भी ख्याल रखना जरूरी होता है। ठंडी चीजों को इग्नोर करना चाहिए। पानी पीने के लिए भी गुनगुना पानी चुनें। सूप, जूस जैसी चीजों ले रहे हैं तो ठंडा बिल्कुल न खाएं। तापमान नॉर्मल रखें।

 शरीर को ठंड से बचाना जरूरी – हल्के ठंडे मौसम में जब दिन में गर्मी रहती है और शाम होते-होते मौसम ठंडा होने लगता है। ऐसे में सर्द-गर्म का मौसम बीमार कर सकता है। कपड़ों का विशेष ख्याल रखें, छाती और सिर को ठंड से बचाएं।

प्रदूषण से बचें- ये मौसम त्योहार का है। हल्की ठंड में मौसम में प्रदूषण भी बढ़ता है। इसलिए गर्भवती महिला को चाहिए कि प्रदूषण में बाहर जाने से बचें। त्योहार वाले मौसम में पटाखों और भीड़ वाली जगहों पर भी बीमारी के संक्रमण ज्यादा फैलते हैं। ऐसे में बाहर जाने से जितना हो सके उतना बचने की कोशिश करें।

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