नई दिल्ली। अंडरवर्ल्ड की दुनिया मे नए गैंगस्टर की एंट्री हो गई है। बीती रात हुए लॉरेन्स बिश्नोई के वकील पर जानलेवा हमले की जिम्मेदारी इसी नए गैंग ने ली है। इस गैंग के गैंग्स्टर्स राहुल फतेहपुर और नवीन बॉक्सर हैं। दोनों ने वकील पर हुए जानलेवा हमले की जिम्मेदारी ली और सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर लिखा, ये हमने ही करवाया है।
पोस्ट में दीपक खत्री को लॉरेन्स का करीबी बताया गया और ये कहा गया है कि लॉरेन्स के लिए मुखबरी करने के चलते ऐसा हमला किया गया। बता दें कि दिल्ली में बीती रात लॉरेंस बिश्नोई के वकील पर जानलेवा हमला हुआ था। सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया है कि दीपक खत्री, लॉरेंस बिश्नोई का करीबी है और उसके लिए मुखबिरी करता था, इसीलिए उस पर गोली चलवाई गई है।
बीती रात जैसे लॉरेंस को वकील दीपक खत्री पर दिल्ली के आईएसबीटी के पास हमला हुआ, दिल्ली पुलिस एक्टिव हो गई। हमले के कुछ ही घंटे के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर राहुल फतेहपुर और नवीन बॉक्सर के नाम से एक पोस्ट वायरल होने लगी। इस पोस्ट में साफ तौर पर लिखा गया कि लॉरेंस बिश्नोई के करीबी और उसके वकील पर हमला उन्होंने ही किया है।
पोस्ट में दावा किया गया है कि वकील के जरिए ‘दीपक खत्री’ नाम के शख्स को निशाना बनाया गया, जिसे लॉरेंस का बेहद करीबी बताया जा रहा है। हमले की वजह ‘मुखबरी’ बताई गई है. हमलावरों का आरोप है कि लॉरेंस के इशारे पर विरोधी गुटों की जानकारी लीक की जा रही थी, जिसका बदला लेने के लिए इस खूनी खेल को अंजाम दिया गया।
सूत्रों के मुताबिक, बीती रात जब वकील अपनी कार से घर लौट रहे थे, तभी बाइक सवार हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। गनीमत रही कि वकील की जान बच गई, लेकिन इस हमले ने यह साफ कर दिया कि अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हैं।
पोस्ट में क्या लिखा था? : “जो भी लॉरेंस के लिए मुखबरी करेगा या हमारे खिलाफ जाएगा, उसका अंजाम यही होगा। अभी तो सिर्फ ट्रेलर दिखाया है, पूरी फिल्म अभी बाकी है। दीपक खत्री और उसके साथियों को संभल जाना चाहिए।”
दिल्ली पुलिस की चुप्पी और सुरक्षा पर सवाल : हैरानी की बात यह है कि सोशल मीडिया पर इस तरह की खुली धमकी और जिम्मेदारी लेने के बावजूद दिल्ली पुलिस ने अभी तक आधिकारिक तौर पर इस पोस्ट की पुष्टि नहीं की है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि वे इस ‘डिजिटल फुटप्रिंट’ की जांच कर रहे हैं। क्या यह सचमुच किसी नए गैंग की शुरुआत है या फिर किसी पुराने गैंग का नाम बदलकर किया गया हमला?
विशेषज्ञों का मानना है कि लॉरेंस बिश्नोई जैसे बड़े नाम के साथ जुड़कर ये नए अपराधी रातों-रात चर्चा में आना चाहते हैं। इसे ‘फेम-हंग्री’ क्राइम भी कहा जा रहा है, जहां अपराधी वारदात के बाद खुद ही अपनी ब्रांडिंग शुरू कर देते हैं। यह घटना केवल अंडरवर्ल्ड की जंग नहीं है, बल्कि यह इस बात का संकेत है कि अब अपराधी जेल की सलाखों के पीछे से या गुप्त ठिकानों से नहीं, बल्कि सार्वजनिक प्लेटफॉर्म से अपना खौफ फैला रहे हैं। दिल्ली की पॉश कॉलोनियों में इस तरह के हमले आम नागरिकों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े करते हैं।







