कांकेर। कांकेर की जमीं पर एक युवक को देश भक्ति की सजा मौत की कुर्बानी देकर चुकानी पड़ी। दरअसल ग्रामीण ने नक्सली स्मारक पर स्वतंत्रता दिवस पर आजादी का जश्न मनाते हुए झंडा फहराया था। इसी बात से नक्सली आक्रोशित थे और बौखलाए नक्सली ने ग्रामीण की हत्या कर दी।
15 अगस्त को 38 साल के मनेश नरेटी को नक्सलियों ने मौत के घाट उतार दिया। दो दिन पूर्व नक्सलियों की इस नापाक हरकत का खुलासा हुआ। बताया जाता है नक्सलियों ने नरेटी को बिना गुंडा क्षेत्र के सुनसान इलाके में ले जाकर बेरहमी से किसी धारदार हथियार से हत्या कर दी। कांकेर पुलिस मामला दर्ज कर जांच पड़ताल में लगी है।
नक्सलियों को नहीं भाया आजादी का जश्न- वायरल वीडियो में दिख रहा है कि अब युवक नरेटी ग्रामीणों के साथ पूजा अर्चना करके बाद ध्वजारोहण कर रहा है। साथ में 15 से 20 नन्हे-मुन्हे बच्चे भी हैं जो आजादी का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मना रहे हैं। वीडियो में युवक नक्सली स्मारक पर तिरंगा फहराते और भारत माता की जय के नारे लगाते नजर आ रहा है। नरेटी का देश प्रेम और आजादी का जश्न नक्सलियों को रास नहीं आया और उन्होंने उसकी निर्दयता के साथ हत्या कर दी।
गौरतलब है एंटी नक्सल ऑपरेशन से बौखलाए नक्सलियों ने अपनी बौखलाहट छिपाने के लिए मृतक पर मुखबिरी का आरोप लगाया। मृतक को नक्सली उसके घर से रात को उठाकर गांव के बीच ले गए, जहां पहले से जुटाए लोगों की बीच दो आदिवासी युवकों को मारा-पीटा। इसके बाद मनेश नुरुटी को मौत के घाट उतार दिया।
बिना गुंड़ा एरिया में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लिया था संकल्प- बता दें कि ये वहीं बिना गुंड़ा एरिया है जहां गृहमंत्री अमित शाह ने नक्सलियों के खिलाफ नक्सल ऑपरेशन शुरू किया था। मार्च 2026 से पहले छत्तीसगढ़ सहित देश को नक्सलमुक्त करने का संकल्प लिया था। उनके एलान के बाद जवानों ने 29 नक्सलियों को एनकाउंटर में मार गिराया था।







