राजनांदगांव जिले से नक्सलवाद के विरुद्ध सुरक्षाबलों की कार्रवाई में एक बड़ी सफलता हाथ लगी। 12 नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटकर सुरक्षाबलों के समक्ष अपने हथियार डाल दिए। इस घटना ने राज्य में नक्सल समस्या के समाधान की दिशा में एक सकारात्मक कदम का संकेत दिया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस आत्मसमर्पण को नक्सलवाद के विरुद्ध जारी लड़ाई में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा, कि पिछले 2 वर्षों में हमारे प्रशासन के तहत हमारी सेनाओं ने बहादुरी से नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ी है। नक्सलवाद की कमर टूट गई है, अंतिम सांसे ले रहा है। आज, सीसी रामधेर अपने साथियों एमसीसी सदस्यों के साथ पुनर्वास कर मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं। इन सदस्यों पर कई इनाम थे और आज उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया है।
मुख्यमंत्री के बयान से स्पष्ट है कि यह आत्मसमर्पण केवल कुछ व्यक्तियों का नहीं, बल्कि नक्सली संगठन के भीतर हताशा और मुख्यधारा से जुड़ने की इच्छा का भी प्रतीक है। सीसी रामधेर जैसे नक्सलियों का आत्मसमर्पण, जिन पर कई इनाम घोषित थे, इस बात का प्रमाण है कि सुरक्षाबल प्रभावी ढंग से काम कर रहे हैं और नक्सलियों पर दबाव बना रहे हैं।
छत्तीसगढ़ लंबे समय से नक्सलवाद की समस्या से जूझ रहा है। हालांकि, हाल के वर्षों में सुरक्षाबलों की बढ़ी हुई सक्रियता और प्रभावी रणनीतियों के कारण नक्सली घटनाओं में कमी आई है। नक्सलियों का आत्मसमर्पण इस बात का संकेत है कि वे अब अपनी गतिविधियों को जारी रखने में असमर्थ महसूस कर रहे हैं और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही पुनर्वास नीतियों से प्रभावित हो रहे हैं।







